आगरालीक्स… आगरा के साथ देश में विदेशी डॉग्स एसी में रह रहे हैं, पौष्टिक आहार भी खा रहे हैं। लेकिन वहीं देसी डॉग्स बस्ती और कॉलोनियों रखवाली करने के बावजूद भूखे प्यासे सड़कों पर बीमारियों के साथ जिंदगी गुजार रहे हैं। देसी डॉग्स का यह दर्द आजाद देश के गुलाम नाटम में नजर आया। जिसे संजय प्लेस स्थित कॉसमॉस मॉल में कैस्पर्स होम द्वारा आयोजित कार्यक्रम आश्रय में लोगों में देसी डॉग्स के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुकेश जैन व कैस्पर्स होम की निदेशक विनीता अरोड़ा ने मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया। निकी बख्शी व विनीता अरोरा द्वारा तैयार कराए गए डांस ड्रामा में एक पहल के बच्चों ने बेजुमा कब से मैं रहा, बेगुनाह सहता रहा… गीत पर प्रस्तुति दी। विनीता अरोरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस बार 12 देसी डॉग्स अडोप्सन के लिए लाए गए। इन डॉग को अडोप्ट करने वाले लोगों को अगल् कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। फ्रेंड्स थिएटर ग्रुप (निदेशक नीरज राघव) द्वारा आजाद देश के गुलाम नाटक व प्लैक्ट्रम बैंड के तहत निशान सिंह, निकि बख्शी प्यार थोड़ा सा बांट लो… गीत के माध्यम से देसी डॉग्स का दर्द बयां किया। जिबार खान व अरीब सैयद ने भी गीत प्रस्तुत किए। थॉट ऑफ द डे व फनी पिक्चर प्रतियोगिता में विजेताओं को चार गोल्ड सिनेमा के टिकट व गिफ्ट बाउचर दे गए। संचालन मलिका मखीजा व माल्विका कुलश्रेष्ठ ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से इको फ्रेन्ड्स वेलफेयर ग्रुप की अंजु दयालानी, मनिंदर कौर, प्रेमा वर्मा, माल्विका कुलश्रेष्ठ, अंकित, मनीका कुलश्रेष्ठ, कनिष्क वर्मा, यश गौतम, नितिन, अंकित शर्मा, शाल्वी, विकास अग्रवाल, अजय शर्मा, गायत्री, कार्तिकेय आदि मौजूद थे।
इन्हें मिला सम्मान
मोना मखीजा, मोनिका सहगल, मनीष कुलश्रेष्ठ, किरन छावड़ा, स्मिता चतुर्वेदी, प्रीतिका बुद्धिराजा, माल्विका कुलश्रेष्ठ, अंकित, रिद्दी वाधवा को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।