आगरालीक्स… आगरा के कोठी मीना बाजार में हुई शंखनाद रैली में जिस कुर्सी पर पीएम मोदी बैठे थे, उसे सिविल सोसायटी आगरा खरीदना चाहती है, सपफेद झूठ की कुर्सी को जनता के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके लिए भाजपा पदाधिकारियों से कुर्सी की कीमत भी पूछ ली है।
रविवार को हरियाली वाटिका में सिविल सोसायटी आगरा ने प्रेसवार्ता की, इसमें उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आगरा में हुई रैली में कुर्सी पर बैठकर झूठ बोला, उन्होंने जो वादा किया, उसे पूरा नहीं किया। यहां आगरा में विक्रमादित्य की कुर्सी पर बैठकर न्याय की बात करने वाले पीएम मोदी झूठ पर झूठ बोल रहे हैं। वे जिस कुर्सी पर बैठे थे वह सफेद झूठ की कुर्सी है। सिविल सोसायटी, आगरा ने भाजपा के सह कोषाध्यक्ष नवीन जैन से कुर्सी की कीमत पूछी है, जिससे वे कुर्सी को खरीद सकें।
21 नवंबर 2013 को हुई थी रैली, कुर्सी की लगी थी बोली
आगरा के कोठी मीना बाजार मैदान में 21 नवंबर 2013 को हुई विजय शंखनाद रैली में नरेंद्र मोदी मंच पर रखी इसी कुर्सी पर कुछ देर के लिए बैठे थे। मोदी के लौटते और रैली खत्म होते ही ‘हॉट केक’ बनी कुर्सी की बोली लगनी शुरू हो गई थी। भाजपा के एक कार्यकर्ता ने टेंट मालिक प्रमोद उपाध्याय से कुर्सी लेने की पेशकश की, इसके बाद तो कुर्सी की बोली लगने लगी।
सांसद और विधायक भी इसमें कूद पड़े। हाल यह कि सामान्य सी इस कुर्सी की कीमत अब तक सवा लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि देश का भावी प्रधानमंत्री जिस कुर्सी पर बैठा हो, वह उनके घर हो तो उनके लिए सौभाग्य की बात होगी। दरअसल, एक कार्यकर्ता ने मंच की व्यवस्था करने वाले पार्टी के ही पार्षद और टेंट हाउस संचालक प्रमोद उपाध्याय को दो हजार में वह कुर्सी बेचने का प्रस्ताव दिया, बोली अब सवा लाख तक पहुंच चुकी है। विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने 1.11 लाख रुपये कीमत लगा दी। सांसद राम शंकर कठेरिया 1.21 लाख देने को तैयार हुए तो विधायक जगन गर्ग ने 1.25 लाख का प्रस्ताव दे डाला।
नहीं बेची थी कुर्सी
प्रमोद उपाध्याय का कहना है कि पार्टी के कई नेता फोन कर कुर्सी को खरीदने की पेशकश कर चुके हैं। लेकिन वह इसे किसी भी कीमत पर बेचने को तैयार नहीं हैं।
मोदी के जाते ही लगने लगी थी कुर्सी की बोली
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