आगरालीक्स… आगरा हवाई अड्डे पर नया सिविल एन्क्लेव बनाने की सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दे दी है, नक्शा तैयार हो चुका है, सिविल टर्मिनल बनने पर दो साल का समय लगेगा।
आगरा के खेरिया, अर्जुन नगर में एयरफोर्स के क्षेत्र में स्थित सिविल एन्क्लेव पर दो सिविल फ्लाइट ही आती हैं। इनमें एलायंस एयर की जयपुर फ्लाइट और जूम एयरलाइंस की दिल्ली फ्लाइट हैं, जो सप्ताह में चार-चार दिन ही आती हैं। ऐसे में 327 करोड से 55 एकड में सिविल एन्क्लेव प्रस्तावित है। डायरेक्टर एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया कुसुम दास का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू होने के दो साल में सिविल एन्क्लेव तैयार हो सकता है, इसके लिए नक्शा तैयार हो चुक है, मिटटी का भी परीक्षण करा लिया गया है।
बुधवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आगरा हवाई अड्डे में नया सिविल एन्क्लेव बनाने की इजाजत दे दी है, लेकिन ताजमहल और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका से एयर ट्रैफिक बढ़ाने की अनुमति नहीं दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह रेलवे की मदद ले सकता है। ताज संरक्षित क्षेत्र (टीटीजेड) तक पर्यटकों को ले जाने के लिए पैलेस ऑन ह्वील्स जैसी लग्जरी ट्रेन चलाने पर वह विचार करे।
ऐसा होगा सिविल एन्क्लेव
नया सिविल एन्क्लेव स्टेट हाईवे नंबर 39, धनौली में प्रस्तावित है। इसे टाटा प्रोजेक्टस द्वारा तैयार किया जाएगा। इसे 33400 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। इसमें 16700 वर्गमीटर का बेसमेंट होगा। सिविल एन्क्लेव की क्षमता 750 यात्रियों की होगी, इसमें 500 यात्री घरेलू उडान और 250 यात्री अंतरराष्ट्रीय उडान के होंगे। यहां चार एयरबस और तीन एटीआर विमानों के एप्रन बनाया जाएगा। 375 कारों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।
इस तरह चली सुनवाई
बुधवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अजीत कुमार सिन्हा ने आगरा एयरपोर्ट पर एक नया सिविल एन्क्लेव बनाए जाने की इजाजत मांगी। कहा कि इसके लिए टीटीजेड अथॉरिटी और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रलय से इजाजत मिल चुकी है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उन्हें इसकी इजाजत न देने का कोई कारण नजर नहीं आता।एमसी मेहता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर कोर्ट ने इसकी इजाजत दी तो वहां एयर ट्रैफिक बढ़ जाएगा। वहां हवाई जहाज की आवाजाही बढ़ेगी, जो कि पर्यावरण और संरक्षित धरोहर ताजमहल के लिए नुकसानदेह होगा। इन दलीलों पर पीठ ने कहा कि वहां एयर ट्रैफिक बढ़ाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि इस संबंध में रेलवे पैलेस ऑन ह्वील्स जैसी उत्तम लग्जरी ट्रेन उपलब्ध करा सकता है। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार पर्यटकों के लिहाज से इसमें रेलवे की मदद ले सकती है।