आगरालीक्स.. आगरा में एक हजार करोड से हो रही स्मार्ट सिटी के कार्य की धीमी गति पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताई है, स्मार्ट सिटी के काम में लापरवाही करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के नाम मांगे गए हैं।
आगरा में एक हजार करोड से पांच साल में स्मार्ट सिटी का काम होना है, जनवरी 2017 को आगरा स्मार्ट सिटी प्रा. लि. का गठन किया गया, सितंबर 2017 से स्मार्ट सिटी का काम शुरू हुआ। इसकी डीपीआर से ही लापरवाही सामने आ रही है, अभी तक 60 फीसद काम पूरा होना था लेकिन नहीं हुआ है। निर्माण से संबंधित कई कार्य बिना एनओसी के चालू हो गए। इसके चलते एएसआइ, वन विभाग, छावनी परिषद ने कार्यो को रुकवा दिया। एनओसी मिलने में दो से चार माह का समय लगा। नगर विकास विभाग के सचिव संजय कुमार ने तीन दिनों के भीतर लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों के नाम मांगे हैं, इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महाप्रबंध हो चुके हैं बर्खास्त
स्मार्ट सिटी के काम में लापरवाही पर अगस्त 2018 में स्मार्ट सिटी के पहले महाप्रबंधक अनुराग को बर्खास्त कर दिया गया था।