आगरालीक्स… सीएम योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को आगरा के दौरे पर हैं, इससे पहले बुधवार को ताज या तेजोमहल (शिव मंदिर) मामले में तहखाने खोलने की अनुमति मांगी है, जिससे शिव मंदिर के साक्ष्य मिल सकें। बुधवार को वादी अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने अदालत को जनरल कमिश्नर नियुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
बुधवार को सुनवाई के दौरान वादी अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ ने अदालत को जनरल कमिश्नर नियुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। साथ ही जनरल कमिश्नर की निगरानी में सात मंजिला ताज के खुले व बंद हिस्सों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराने की अनुमति मांगी। इस पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) और भारत सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। जज अभिषेक सिन्हा ने इस पर सुनवाई की अगली तिथि 16 नवंबर तय की।
ये है मामला
लखनऊ के हरीशंकर जैन व अन्य की तरफ से अपर सिविल जज थर्ड सीनियर डिवीजन के यहां अधिवक्ता राजेश कुलश्रेष्ठ द्वारा दो वर्ष पहले वाद दायर किया गया था। इसमें ताज को तेजो महालय बताते हुए शिव मंदिर घोषित करने की मांग की गई है।
1960 के बाद से बंद हैं दरवाजे
ताजमहल के यमुना किनारे की तरफ दो दरवाजे थे, ये दोनों की दरवाजे लकडी के थे और खुलते थी। 1960 में । प्रो. पीएन ओक द्वारा अपनी किताब में ताज को हिंदू मंदिर बताने के बाद एएसआइ ने यमुना की तरफ के दोनों दरवाजों को बंद करा दिया था। ताजमहल के गुंबद के नीचे बने 22 कमरों और 33 फुट के गलियारों को भी ईंटों से चिनवा दिया था।