आगरालीक्स ..आगरा में अस्पतालों में इलाज ना मिलने पर आठ महीने के अबोध को लेकर परिजन एसएन पहुंचे। उसकी नाक से खून बह रहा था, अबोध की मौत हो गई, आरोप है कि इलाज समय से ना मिलने से मौत हुई है।
आगरा में कोरोना के केस बढने के बाद अधिकांश निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद हैं, मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। इससे इलाज नहीं मिल पा रहा है, ऐसे में बुधवार को रकाबगंज क्षेत्र के तेलीपाड़ा निवासी मोहम्मद बिलाल हमजा के आठ महीने के बेटे हमजा गौरी की नाक से बहने लगा। वे उसे जिला अस्पताल ले गए, यहां इलाज में देरी होने पर निजी अस्पताल पहुंचे वहां डॉक्टर नहीं थे। वे बच्चे को एसएन मेडिकल कॉलेज ले आए, यहां पर्चा बनाने में 15 मिनट लग गए। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि समय से इलाज मिलने पर जान बच सकती थी।
पुलिस ने की मदद
अबोध को दफन करने के लिए दुकान बंद होने से कफन का इंतजाम नहीं हो पा रहा था, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इंस्पेक्टर रकाबगंज विकास तोमर ने अपनी गाड़ी पीड़ित के घर भेजी, वह गाडी से दुकान पर गए, दुकान खुलवाकर कफन का इंतजाम किया गया।