
(फाइल इंटरनेट फोटो)
1989 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार पर सरकारी ठेके देने में 50 करोड की हेराफेरी के आरोप लगे हैं। सोमवार को सीबीआई ने प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार सहित चार लोगों को हिरासत में लिया । स्पेशल कोर्ट के आदेश पर सीबीआई की पांच दिन की रिमांड पर उनसे पूछताछ की जा रही है। 50 करोड की हेराफेरी के मामले में पूछताछ और दस्तावेजों को खंगाले के बाद शुक्रवार को गुपचुप तरीके से सीबीआई की टीम आगरा पहुंची। यहां एक बडे पब्लिशर के कार्यालय में टीम के पहुंचते ही खलबली मच गई, प्रकाशन हाउस के मालिक ने अपने सीए को बुला लिया। इसके बाद टीम ने एक के बाद एक सवाल पूछना शुरू किया।
रात भर पूछताछ, जब्त किए रिकॉर्ड
मीडिया रिपोर्ट और सूत्रों के मुताबिक, इस बडे मामले में सीबीआई की टीम ने प्रकाशन हाउस के मालिक से रात भर पूछताछ की। उनके बैंक एकाउंट और लेन देन के रिकॉर्ड को खंगाला गया। एक के बाद एक सवाल पूछने के साथ ही आईएएस राजेंद्र कुमार और उनके साथ हिरासत में लिए गए तीन अन्य लोगों से कनेक्शन के बारे में भी पूछताछ की गई।
ठेका लिया या इन्वेस्टमेंट किया
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई टीम सटीक जानकारी के बाद आगरा आई थी। टीम को आशंका है कि आगरा के पब्लिशर ने या तो राजेंद्र कुमार के माध्यम से ठेका लिया है। यह भी हो सकता है कि हेराफेरी के करोडों रुपयों का इन्वेस्टमेंट किया गया हो। इसके लिए बडी मात्रा में दस्तावेज जब्त किए गए हैं। टीम अब इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
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