
15 दिसंबर 2014 को बाह से रामेंद्र सिंह के चिलिंग प्लांट से दूध के नमूने लिए थे। 26 दिसंबर 2014 को मेरठ प्रयोगशाला ने नमूना अधोमानक होने की रिपोर्ट दी थी। इस पर मदर डेयरी के चिलिंग प्लांट का लाइसेंस रद कर दिया था। मुकदमा दर्ज कराने के लिए अपर आयुक्त प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी।
अभिहित अधिकारी रामनरेश यादव ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26/59 (एक) के तहत कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। इस धारा में आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
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