आगरालीक्स…(1 November 2021 Agra News) धनतेरस पर सोना—चांदी तो खरीदें पर इन चीजों को खरीदना माना जाता है अशुभ. पढ़िए पूरी खबर
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि इस साल धनतेरस दो नवंबर मंगलवार को मनाई जाएगी। धनतेरस को धन त्रयोदशी व धन्वंतरि जंयती के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक धन्वंतरि देव समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धन तेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। धन्वंतरि देव जब समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे उस समय उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। इसी वजह से धन तेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। धनतेरस पर्व से ही दीपावली की शुरुआत हो जाती है।
धन तेरस का शास्त्रोक्त नियम
- धनतेरस कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की उदयव्यापिनी त्रयोदशी को मनाई जाती है। यहां उदयव्यापिनी त्रयोदशी से मतलब है कि अगर त्रयोदशी तिथि सूर्य उदय के साथ शुरू होती है, तो धनतेरस मनाई जानी चाहिए।
- धनतेरस के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्त) में यमराज को दीपदान भी किया जाता है। अगर दोनों दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल का स्पर्श करती है अथवा नहीं करती है तो दोनों स्थिति में दीपदान दूसरे दिन किया जाता है।
ऐसे करें पूजा और ये खरीदें
- धनतेरस पर धन्वंतरि देव की षोडशोपचार पूजा का विधान है। षोडशोपचार यानि विधिवत 16 क्रियाओं से पूजा संपन्न करना। इनमें आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन (सुगंधित पेय जल), स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध (केसर-चंदन), पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन (शुद्ध जल), दक्षिणायुक्त तांबूल, आरती, परिक्रमा आदि है।
- धनतेरस पर पीतल और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि बर्तन खरीदने से धन समृद्धि होती है। इसी आधार पर इसे धन त्रयोदशी या धनतेरस कहते हैं।
- इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीये जलाने चाहिए। क्योंकि धनतेरस से ही दीपावली के त्यौहार की शुरुआत होती है।
- धनतेरस के दिन शाम के समय यम देव के निमित्त दीपदान किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मृत्यु के देवता यमराज के भय से मुक्ति मिलती है।
- झाड़ू की खरीददारी होगी शुभ : धनतेरस के दिन आप सोना खरीदते हैं यह अच्छी बात है लेकिन याद रहे इस दिन आप झाड़ू खरीदें। क्योंकि झाडू़ ही आपके घर द्वार को स्वच्छ रखती है। इस दिन भगवान विष्णु, राम और लक्ष्मी के चरणों का आगमन आपके घर होता है। इसलिए झाड़ू की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।
- इस दिन पीने के पानी का बर्तन खरीदें।
- इस खास पर्व पर आप मिट्टी की बनी हुई 11 या 9 दीयों वाली लक्ष्मी की मूर्ति भी जरूर खरीदें। यह आपके लिए फलदायी होगी।
धनतेरस पर भूलकर भी न खरीदें ये चीजें
धनतेरस पर नई चीजें खरीदने की प्रथा है, इस दिन कई चीजों को बाजार से खरीदकर लाया जाता है और दिवाली के दिन उसकी पूजा की जाती है, हालांकि कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिसे धनतेरस के दिन खरीदना अशुभ माना जाता है। आइए जानते है धनतेरस के दिन किन चीजों को नहीं खरीदना चाहिए ताकि मां लक्ष्मी आपसे नाराज न हों।
लोहे के घरेलू उपयोग की वस्तु
धनतेरस पर लोहे से बने बर्तन को नहीं खरीदना चाहिए, मान्यता है कि इस दिन लोहे से बने बर्तन घर पर लाने पर अशुभ होता है, घर पर कई तरह की समस्याएं आने लगती है,परिवार के सदस्यों की परेशानियां बढ़ जाती हैं, इसलिए इस दिन लोहे का घरेलू सामान खरीदने से बचें।
कांच का सामान
धनतेरस के दिन कांच का सामान भी नहीं खरीदना चाहिए, मान्यता है कि इस दिन कांच का सामान खरीदकर घर पर लाने से बुरी घटनाएं घटती हैं, कांच का सामान लोगों की परेशानियां बढ़ा देता है ऐसे में इस दिन कांच का सामान न खरीदें ताकि लक्ष्मी मां आपसे खुश रहे।
एल्युमिनियम का सामान
लोहे के अलावा धनतेरस के दिन एल्युमिनियम का सामान भी नहीं खरीदना चाहिए, इसका संबंध भी राहु से होता है, मान्यता है कि एल्युमिनियम का सामान खरीदने से घर पर अशुभ छाया पड़ती है, लक्ष्मी मां रुष्ठ हो जाती हैं, ऐसे में इस तरह का सामान खरीदने से बचना चाहिए।
काले रंग का कपड़ा
धनतेरस के दिन काले रंग का कपड़ा खरीदना भी अशुभ माना जाता है, इस दिन काले रंग के कपड़े या आभूषण नहीं खरीदने चाहिए, काला रंग दुर्भाग्य का रंग माना जाता है, ऐसे में इस दिन शुभ दिन पर काले रंग से बचना चाहिए
तेल या तेल के उत्पाद न खरीदें
धनतेरस के दिन तेल या तेल के उत्पादों जैसे घी, रिफाइंड ऑयल खरीदने से मना किया जाता है, धनतेरस पर दीए जलाने के लिए भी तेल और घी की जरूरत पड़ती है इसलिए ये चीजें पहले से ही खरीद कर रख लें, इस दिन इन चीजों को खरीदने से बचें। उपरोक्त सभी वस्तुओं को छोड़कर सभी वस्तुओ की खरीदारी करना शुभ होता है।