आगरालीक्स….. अत्यंत सहज , सरल , सौम्य एवं मृदुभाषी होने के साथ ही साथ एक सुयोग्य , वरिष्ठ एवं अनुभवी शिक्षक थे स्वर्गीय डॉ. अजय शर्मा।
सोमवार को डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय संस्थान कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषाविज्ञान विद्यापीठ में स्वर्गीय डॉ अजय शर्मा जी के असामयिक निधन पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया ।
संस्थान के निदेशक प्रोफ़ेसर प्रदीप श्रीधर ने कहा कि संस्थान के पत्रकारिता विभाग में लंबे समय तक अध्यापन करने वाले स्वर्गीय डॉ अजय शर्मा जी का कोरोना महामारी के कारण दुखद निधन 21 मई 2021 को हो गया था । वे अत्यंत सहज , सरल , सौम्य एवं मृदुभाषी होने के साथ ही साथ एक सुयोग्य , वरिष्ठ एवं अनुभवी शिक्षक भी थे ।
उनके निधन से विभाग और संस्थान की अपूरणीय क्षति हुई है । अपने लंबे अध्यापन काल में उनके निर्देशन में शिक्षा प्राप्त छात्र आज देश भर के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में काम कर रहे हैं । संस्थान में अध्यापन के अतिरिक्त स्वर्गीय डॉ अजय शर्मा जी लगभग 35 वर्षों तक दैनिक स्वराज टाइम से भी जुड़े रहे । आज इस शोक सभा में उनकी स्मृतियों को सहेजते हुए समस्त संस्थान परिवार शोकग्रस्त है और उनके प्रति अपनी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करता है ।
इस अवसर पर बोलते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती निर्मला दीक्षित जी ने कहा कि डाॅ अजय शर्मा जी से उनके पारिवारिक संबंध थे। उनका व्यक्तित्व कर्मठ एवं सहज था। स्वराज टाइम्स परिवार ने सदैव छात्रों को सत्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने के लिए प्रशिक्षित किया। डाॅ अजय शर्मा जी की स्मृति में विश्वविद्यालय द्वारा पदक अवश्य प्रारंभ किया जाना चाहिए। यह माँग उचित है।
पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष एवं कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो यू सी शर्मा जी ने कहा कि मैं उन्हें अपना बड़ा भाई मानता था। वे मृदुभाषी एवं कर्मठ थे। उन्होंने कभी अपने लंबित वेतन की परवाह नहीं की और सदैव कहा कि मैं अपना कार्य करता रहूँगा। प्रो यू सी शर्मा जी ने डाॅ अजय शर्मा जी के जन्मदिवस पर प्रत्येक वर्ष उनकी स्मृति में एक व्याख्यान करवाने का सुझाव देते हुए कहा कि यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठतम आचार्य प्रो सुगम आनंद जी ने उन्हें कुशल शिक्षक, दृढ़ पिता और सहृदय सहकर्मी बताया। डाॅ अजय शर्मा जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए विश्वविद्यालय को उनके नाम से पदक अवश्य प्रारंभ करना चाहिए।
उनके पुत्र ब्रजेश शर्मा ने यह बताया कि पिताजी की स्मृति में डाॅ अजय शर्मा चेरिटेबिल ट्रस्ट की स्थापना की गई है। प्रत्येक वर्ष ट्रस्ट के एम आई के किसी एक मेधावी एवं निर्धन विद्यार्थी के अध्ययन में सहयोग करेगा। साथ ही उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री संजीव कुमार सिंह ने डाॅ अजय शर्मा जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हम उनके बताए मार्ग पर चलकर ही उनको श्रद्धांजलि दे सकते हैं। विश्वविद्यालय शीघ्र उनकी स्मृति में पदक की स्थापना करेगा।
उपस्थिति इस प्रकार रही –
कुलसचिव श्री संजीव कुमार सिंह , वरिष्ठतम आचार्य प्रोफेसर सुगम आनंद , अधिष्ठाता कला संकाय प्रोफेसर उमेश चंद्र शर्मा , प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर , स्वर्गीय डॉ अजय शर्मा जी की पत्नी श्रीमती मृदु शर्मा , पुत्र श्री बृजेश शर्मा पुत्री ग्रैनी शर्मा , प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव , प्रोफेसर गिरजा शंकर शर्मा , राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती निर्मला दीक्षित , प्रोफेसर अनिल वर्मा , प्रोफेसर लवकुश मिश्रा , कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉक्टर अखिलेश चौधरी , महामंत्री श्री अरविंद गुप्ता , डॉक्टर अमित कुमार सिंह , डॉक्टर राजकुमार , डॉक्टर भावना सिंह , अमित सिंह , पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्री महेंद्र रावत , गौरव शर्मा , श्री आदर्श नंदन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे ।
शोक सभा का संचालन डॉक्टर केशव कुमार शर्मा ने किया ।
