आगरालीक्स… आगरा के पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया के टिवटर हैंडल से किया गए टिवीट में हिंदी के शब्द गलत लिखे हैं, वे विवि में हिंदी के प्रोफेसर हैं, इस टिवीट पर एनएसयूआई के अमित सिंह ने री टिवीट किया है, यह वायरल हो गया है और कमेंट आने लगे हैं। सांसद के फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है, उनका मोबाइल स्विच आॅफ है, वे आगरा से बाहर बताए जा रहे हैं।
मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रहे डॉ राम शंकर कठेरिया आगरा के सांसद हैं और विवि के खंदारी परिसर में रहते हैं। डॉ राम शंकर कठेरिया विवि के केएमआई में हिंदी के प्रोफेसर हैं। उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था, अब वे संगठन के लिए काम कर रहे हैं। यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने आगरा में एयरपोर्ट को लेकर चार सितंबर को टिवीट किया था। डॉ राम शंकर कठेरिया के टिवटर हैंडल से किए गए टिवीट में हिंदी के कई शब्द गलत हैं, इसमें इंटरनेशनल, मंत्रालय गलत लिखा हुआ है। इस पर एनएसयूआई के अमित सिंह ने रविवार को री टिवीट किया है। इस पर उन्होंने लिखा है कि ये हैं भारत सरकार के पूर्व एचआरडी मंत्री आगरा विश्वविद्यालय के हिंदी के प्रोफेसर पर नहीं लिख पाते मातृभाषा, इस रीटिवीट के बाद कमेंट आने लगे हैं। सोशल मीडिया पर डॉ राम शंकर कठेरिया का टिवीट चर्चा का विषय बना हुआ है।
आवास खाली कराने के लिए एनएसयूआई ने किया था प्रदर्शन
एनएसयूआई द्वारा पूर्व मंत्री व सांसद राम शंकर कठेरिया के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इससे पहले वह मंत्री थे तो विवि के खंदारी परिसर में रहने पर एनएसयूआई ने विरोध किया था, उन्होंने विवि से पांच साल के लिए अवकाश ले लिया था। इसे लेकर कई बार समर्थकों के साथ मारपीट भी हुई और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर मुकदमा भी दर्ज हुआ था। इसे लेकर लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी बीच एनएसयूआई को एक और मुददा मिल गया है।
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