आगरालीक्स… पूर्व मंत्री विधायक रामवीर उपाध्याय को बसपा से निलंबित कर दिया है, उन्हें मुख्य सचेतक के पद से भी हटा दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर लोकसभा चुनाव में आगरा और अलीगढ मंडल की सीटों पर बसपा प्रत्याशी के लिए प्रचार ना करने पर पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।

लोकसभा चुनाव में फतेहपुर सीकरी से बसपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय ने चुनाव लडने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने अलीगढ से बसपा से चुनाव लडने की मांग की थी, इसके बाद से पूर्व मुख्यमंत्री मायावती विधायक रामवीर उपाध्याय से नाराज थीं, उन्होंने सीमा उपाध्याय को अलीगढ से टिकट नहीं दी और फतेहपुर सीकरी सीट से पहले राजीवर सिंह और उसके बाद गुडडू पंडित को प्रत्याशी बनाया था। इसके बाद से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने संगठन से दूरी बना ली थी, उनकी भाजपा में जाने की चर्चाएं चलती रहीं, वे अलीगढ में एक कार्यक्रम में शामिल हुए और भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट करने के लिए भी कहा था।
पार्टी विरोधी गतिविधियों पर किया निलंबित
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम ने पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय पर लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने के साथ विरोधी पार्टी के प्रत्याशियों का समर्थन करने और गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए प्रचार न करने के आरोप लगाए है। यह भी कहा है कि सचेत करने के बाद भी पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को तत्काल पार्टी से निलंबित किया जाता है, विधानसभा के मुख्य सचेतक के पद से भी हटाया जाता है। वे पार्टी के कार्यक्रम और मीटिंग में भाग नहीं लेंगे और मीटिंग के लिए आमंत्रित भी नहीं किया जाएगा।
नवंबर 2018 में रामवीर उपाध्याय के भाई मुकूल को पार्टी से निकाला, भाई पर लगाए आरोप
बसपा सरकार में उर्जा सहित कई विभागों में कैबिनेट मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय के भाई पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय गाजियाबाद और शिकारपुर से विधानसभा का चुनाव लड चुके हैं। लोकसभा चुनाव के लिए बसपा ने फतेहपुर सीकरी से पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय और अलीगढ सीट से मुकुल उपाध्याय को टिकट देने के लिए कहा था, यहां से ही परिवार में रार शुरू हो गई। फतेहपुर सीकरी सीट पर रोचक मुकाबला है, अलीगढ सीट पर बसपा के मेयर प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है, ऐसे में यह सीट लोकसभा चुनाव में बसपा को मिल सकती है।
पार्टी से निष्कासित होने के बाद खोला मोर्चा
पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय को छह नवंबर को बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद हाथरस में प्रेसवार्ता में मुकुल उपाध्याय ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें बसपा से निकालने की साजिश उनके ही भाई व पूर्व कैबिनेट मंत्री रामवीर उपाध्याय और भाभी सीमा उपाध्याय ने रची है। उन्होंने कहा कि आअलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, इसके बदले में बसपा की मुखिया मायावती ने उनसे 5 करोड रुपए मांगे, जब उन्होंने 5 करोड रुपए देने से मना कर दिया तो उनके भाई रामवीर उपाध्याय ने ही यह कहा कि अब मुकुल नहीं बल्कि उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी।
इसी साजिश के चलते उन्हें उनके भाई रामवीर ने बसपा से निकलवाया है। मुकुल ने कहा कि वह अगला चुनाव अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र से ही लड़ेंगे अभी वह अपने समर्थकों के बीच में जाएंगे और किस पार्टी में शामिल होंगे यह तय करेंगे।
भाई की राम की तरह सेवा की और बन गए रावण
मुकुल उपाध्याय ने प्रेसनोट भी जारी किया है, इसमें लिखा है कि उन्होंने अपने बडे भाई रामवीर उपाध्याय को राम मानते हुए सेवा की, उनके कार्यक्रम में कुर्सी डलवाईं, कपडे धोए लेकिन वे अब रावण बन गए हैं, वे परिवार में किसी और सदस्य को आगे बढते हुए नहीं देख सकते हैं।