आगरालीक्स… लखनऊ विधानसभा में मिले विस्फोटक की परत दर परत आगरा की फोरेंसिक लैब में खुलेगी, विधानसभा में मिले विस्फोटक पेंटा एरिथ्रेटाल ट्रेटा नाइट्रेट पीईटीएन के सैंपल आगरा की लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। यहां विस्फोटक की कई पहलुओं पर जांच की जाएगी, इसकी केमिकल प्रोपर्टीज से लेकर विस्फोटक क्षमता का आकलन साइंटिस्ट की टीम करेगी।
लखनऊ विधानसभा में 12 जुलाई को विधायक मनोज पांडेय की सीट के कुशन के नीचे 150 ग्राम विस्फोटक मिला था, इसकी लखनउ की फोरेंसिक लैब में कलर कोडिंग की प्रारंभिक जांच कराई गई, इसमें यह पीईटीएन विस्फोटक निकला, इसकी आगे की जांच के लिए आगरा की लैब में भेजा गया है, इसकी जांच में कई अधिकारी लगाए गए हैं।
आतंकी इस्तेमाल करते हैं पीईटीएन
पीईटीएन गंध रहित पाउडर होता है, इसे आसानी से ले जाया जा सकता है, स्नीफर डॉग भी इसे नहीं सूंघ पाते हैं, इसलिए आसानी से ले जाया जा सकता है।
एटीएस और एनआईए कर रही जांच
आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमें इस मामले की जांच करने में जुट गई हैं.
एनआईए की टीम शुक्रवार देर रात विधानसभा पहुंची थी. राजधानी लखनऊ के विधान भवन में विस्फोटक मिलने का मामला लखनऊ के हजरतगंज में स्थित कोतवाली में शुक्रवार शाम को दर्ज कराया गया है.
एसएसपी दीपक कुमार के साथ विधानसभा के मार्शल मनीष चंद्र राय ने विस्फोटक पदार्थ मिलने के मामले में तहरीर दी है. इससे पहले एसएसपी ने विधानसभा के चीफ मार्शल मनीष चंद्र राय के साथ विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.
विस्फोटक की बरामदगी के मामले में मार्शल की तरफ से तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है. कोतवाली में धारा 16,18, 20 के तहत मामला दर्ज हुआ है. साथ ही इस मामले में धारा 121 ए और 120 बी के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4,5,6 भी लगाई गई है.
विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद हर कोई हैरान है. विधानसभा की सुरक्षा में सेंध का यह सबसे बड़ा मामला है. सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि इतनी भारी सुरक्षा के बीच विस्फोटक पदार्थ विधानसभा में पहुंचा कैसे.