आगरालीक्स… आपने थाईलैंड के बारे में सुना होगा, बडी संख्या में लोग घूमने के लिए थाईलैंड जाते हैं, वहां की राजकुमारी नहीं देखी होगी, राजकुमारी आज ताजमहल देखने पहुंची, कडे सुरक्षा घेरे में थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री सिरिनधोर्न ने ताजमहल का दीदार किया। वे 100 सदस्यीय दल के साथ मंगलवार को आगरा पहुंची, यहां ताजमहल के साथ अन्य ऐतिहासिक इमारतों का दीदार करेंगी।
मंगलवार को गतिमान एक्सप्रेस से राजकुमारी महाचक्री सिरिनधोर्न अपने 100 सदस्यीय दल के साथ आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंची, यहां से वे सुरक्षा घेरे में ताजमहल पहुंची। यहां अपनी टीम के साथ ताजमहल का दीदार किया। मुहब्बत की निशानी ताजमहल के बारे में जानकारी ली, अपनी टीम के साथ फोटो कराए।
2016 में किया गया राजकुमारी को सम्मानित

संस्कृतभाषा के अध्ययन, प्रचार और अनुसंधान के लिए उत्कृष्ट योगदान के लिए थाईलैंड की राजकुमारी महाचक्री श्रींदोर्ण और अमेरिका के पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के जार्ज कारडोना को विश्व संस्कृत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भारतीय सांस्कृतिक सम्बध परिषद् के तत्वाधान में आयोजित एक समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किए। राजकुमारी श्रींदोर्ण को वर्ष २०१५ के लिए पहला विश्व संस्कृत पुरस्कार दिया गया जबकि अमेरिका के पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्राचार्य जार्ज कारडोना को वर्ष 2016के विश्व संस्कृति पुरस्कार से नवाजा गया।
श्रींदोर्ण संस्कृत और पाली की शिक्षाविद और विद्वान हैं। इससे पहले थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में हुए वर्ल्ड संस्कृत परिषद में भी वह उपस्थित रही थीं।
नवंबर 2016 में आईं थी भारत
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल एवं बौद्ध धर्मावलम्बियों की आस्था के सबसे बड़े केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध पवित्र सांची नगरी का थाइलैंड की राजकुमारी महाचक्री सिरिनधर ने भ्रमण किया। राजकुमारी महाचक्री सिरिनधर के साथ आए 28 लोगों के दल ने स्तूप एवं संग्राहलय का अवलोकन किया।
उन्होंने स्तूपों में अंकित कलाकृतियों को न केवल बारीकी से देखा बल्कि, उन्हें अपने कैमरे में कैद भी किया। इसके साथ ही गाइड द्वारा दी जा रही जानकारी को नोट भी किया। उन्होंने पत्थर पर उकेरी गई विभिन्न आकृतियों एवं चिन्हों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।