आगरालीक्स..(शरद यादव, ग्राउंड जीरो रिपोर्ट) .. आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा को समाजवादी पार्टी से कड़ी चुनौती मिलती रही है। 2022 में मुश्किल राह। आगरा की फतेहाबाद सीट पर कब कौन जीता, कितने मतदाता
चार बार भाजपा तो 11 बार विपक्ष को मिली जीत
फतेहाबाद विधानसभा सीट पर पिछले 11 चुनावों के परिणामों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 1977 से 2017 तक हुए 11 चुनावों में चार बार भाजपा को तो सात बार विपक्ष को कामयाबी मिली है। इसमें तीन बार सपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे हैं। इस बार सपा-रालोद गठबंधन भी है।
पिछले चुनाव में भाजपा को सपा से मिली थी टक्कर
फतेहाबाद में वर्तमान में जीतेंद्र वर्मा इस सीट से विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2017 के चुनाव में मोदी-योगी की लहर में उन्होंने सपा के डा. राजेंद्र सिंह को 34,364 वोटों से शिकस्त दी थी।
बीते चुनाव में उत्साह से डाले गए थे वोट
बीते चुनाव में 2,96,959 मतदाताओं वाली विधानसभा सीट के वोटरों ने उत्साह से भाग लेते हुए 70.51 प्रतिशत मतदान किया था, जिसमें भाजपा के जीतेंद्र वर्मा 1,01,960 मत प्राप्त कर विजयी रहे थे। सपा के डा. राजेंद्र सिंह को 67,596 मत मिले थे।
सात बार रहा है विपक्षी दलों का दबदवा
इस विधानसभा सीट के पिछले चुनाव नतीजों पर नजर डालें तो वर्ष 1977 में जनता दल से हुकुम सिह परिहार विजयी रहे थे। उन्होंने कांग्रेस के लक्ष्मी नारायण को मात दी थी। 1980 के चुनाव में कांग्रेस के महेश उपाध्याय ने जेएनपी के हरनारायण सिंह को, 1985 में कांग्रेस के अमिताभ लवानिया ने लोकदल के बहादुर सिंह को हराया था। इससे पहले बहादुर सिंह 1989 में जनता दल के विधायक चुने गए थे और कांग्रेस के महेश उपाध्याय दूसरे स्थान पर रहे थे। 1991 के चुनाव में जनता दल के प्रत्याशी के रूप में विजय सिंह विजयी रहे। भाजपा के बिजेंद्र सिंह को दूसरा स्थान मिला था।
भाजपा को पहली सफलता 1993 में मिली
भाजपा को फतेहाबाद में पहली सफलता 1993 में मिली, यहां से पहली बार छोटेलाल वर्मा विजयी हुए औऱ उन्होंने जनता दल के विजय सिंह को शिकस्त दी। 1996 में विजय पाल सिंह जनता दल के टिकट पर चुने गए औऱ भाजपा प्रत्याशी छोटेलाल वर्मा को हार का मुंह देखना पड़ा।
वर्ष 2002 में भाजपा के छोटेलाल वर्मा ने फिर इस सीट पर कब्जा कर लिया। इस बार उन्होंने बसपा के अशोक दीक्षित को हराकर यह कामयाबी हासिल की। 2007 के चुनाव में इस सीट पर भाजपा ने राजेंद्र सिंह को टिकट दी लेकिन छोटेलाल सपा से चुनाव में मैदान में उतरे लेकिन उन्हें दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
टिकट कटा तो बसपा से जीते
2012 के चुनाव में भाजपा से राजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया गया तो छोटे लाल इस बार बसपा से चुनाव मैदान में उतरे उन्होंने बसपा के चिह्न पर कामयाबी हासिल की औऱ भाजपा दूसरे स्थान पर रही। 2017 के चुनाव में राजेंद्र सिंह सपा से तो भाजपा से जितेंद्र कुमार वर्मा चुनाव मैदान में उतरे औऱ भाजपा के टिकट जीत हासिल की।
––छोटेलाल साबित हुए बड़ेलाल—
फतेहाबाद विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा जीत का रिकार्ड छोटेलाल वर्मा के नाम पर है। उन्होंने तीन बार विधायक की सीट जीती है, जिसमें दो बार भाजपा से और एक बार बसपा से विधायक रहे। दो बार चुनावों मे रनरअप रहे। दो बार विधायकी जीतने वालों में विजयपाल सिंह हैं, जो जनता दल से विजयी रहे हैं। बाकी इस सीट के मतदाताओँ ने छह विधायकों को एक-एक बार मौका दिया है।
