आगरालीक्स…आगरा में फिल्म सिटी बनने से कलाकार, होटल, कैटरिंग इंडस्ट्री को रोजगार मिलेगा। हमारे संग आएं, आवाज उठाएं, फोटो के साथ कमेंट करें.
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी बनाए जाने की घोषणा के बाद ब्रज क्षेत्र में फिल्म सिटी की स्थापना की मांग तेज हो गई है। फिल्म अभिनेत्री सांसद हेमामालिनी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने भी ब्रज में फिल्म सिटी बनाने का प्रस्ताव सीएम को दिया है। मुख्यमंत्री योगी आज फिल्म अभिनेता, निर्माता-निर्देशकों और अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक करने जा रहे हैं।
ब्रज की संस्कृति, ऐतिहासिक इमारतें बालीवुड की हमेशा से ही लुभाती रही हैं। देश के तमाम दिग्गज अभिनेता-अभिनेत्रियों की पसंद रही है। ब्रज के अभिनेता-अभिनेत्रियों की प्रतिभा से भी बालीवुड भी परिचित है। ब्रज क्षेत्र में कई ऐसे क्षेत्र है, जहां फिल्मसिटी की स्थापना की जा सकती है लेकिन इस सबमें आगरा का अपना अलग स्थान है।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
आगरा में फिल्म सिटी की स्थापना होने से रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। युवा वर्ग कला और संस्कृति के क्षेत्र में अपने को और मजबूती से स्थापित कर सकेगा। प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं फिल्म कलाकार अनिल जैन का कहना है कि आगरा की युवा प्रतिभा अभी तक मुंबई जाने के लिए विवश थी, जहां फिल्म इंडस्ट्री खुलने से उन्हें
यहीं पर काम मिल सकेगा। इसके अलावा आगरा के बाजार, होटल, कैटर्स, टैक्सी संचालकों को बेहतर अवसर मिलेंगे। आगरा के बड़ी संख्या में लोग अभी भी मुंबई की फिल्मी दुनिया में खुद को स्थापित करने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। कुछ सफल हैं तो कुछ अभी संघर्ष कर रहे हैं।
यातायत के बेहतर संसाधन
आगरा राजधानी दिल्ली के नजदीक होने के साथ आवागमन के बेहतरीन संसाधनों से जुड़ा हुआ है। यमुना एक्सप्रेस-वे, लखनऊ एक्सप्रेस-वे लखनऊ और नोएडा को जोड़ते हैं। प्रमुख ट्रेनों का संचालन भी आगरा होकर है। ब्रज के सभी शहरों से आगरा की सीधे कनेक्टिवटी है।
फोटोग्राफी-सिनेमोटोग्राफी
आगरा में फोटोग्राफी जनमानस के लिए पहलीबार 1937 में आगरा में फाइन आर्ट स्टूडियो के नाम से श्री ओंकारनाथ ने महात्मा गांधी मार्ग राजा की मंडी पर शुरू हुई थी। इसी समय सिनेमा जगत का पदार्पण हुआ। आगरा समेत बड़े शहरों में सिनेमाघर बने। समय को देखते हुए श्री ओंकारनाथ अपना प्रोजेक्टर लेकर आए, वह नये स्क्रीन और साउँड सिस्टम के साथ बड़े-बड़े रईसों को सिनेमा दिखाने जाते थे। इसके बाद वह सिनेमोटोग्राफी और निर्देशन सीखने मद्रास चल गए। इसमें सफलता प्राप्त करने के बाद 1950 में अमेरिका जाकर कैलोफोर्निया से एमए की उपाधि लेकर लौटे और सिनेमा की जागृत हुई। आगरा में 90 के दशक तक करीब तीन दर्जन सिनेमा हाल थे। समाजसेवी और होटल व्यवसायी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इसी दरम्यान आगरा में सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गए। श्री राजेंद्र रघुवंशी ने इप्टा की स्थापना की। राजेंद्र यादव ने साहित्य के क्षेत्र में फिल्म जगत को कहानियां दी। सिनेमा उद्योग से लोग जुड़ने लगे। काफी लोग आगरा से मुंबई में रोजगार की तलाश जा रहे हैं।