फिरोजाबादलीक्स…बेटा घर छोड़ गया तो बहू ने सास को उसके ही घर से कर दिया बेदखल. दो साल बाद कोर्ट के आदेश पर हुई एंट्री, बहू को दी हिदायत—एक ही कमरे में रहोगी तुम, बाकी घर सास का…जानें पूरा मामला
आगरा मंडल के फिरोजाबाद जिले में एक बहू ने अपनी सास को उसके ही घर से बेदखल कर दिया था. दो साल पहले बेटे और बहू के बीच विवाद हो गया था, जिसके कारण गुस्से में आकर बेटा घर छोड़कर कहीं चला गया जिसका कोई पता नहीं चला. इधर बहू ने अपनी बुजुर्ग सास का ध्यान रखने की जगह उनको ही उनके घर से बेदखल कर दिया. बुजुर्ग महिला मेरठ अपनी बेटी के यहां चली गई और वहां से कोर्ट की शरण ली. कोर्ट ने पुलिस को सास को घर में प्रवेश कराने का आदेश दिया. दो साल बाद गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट, इंस्पेक्टर और 12 पुलिसकर्मी बुजुर्ग सास को लेकर उनके घर पहुंची और एंट्री दिलाई. बहू को भी हिदायत दी कि अब सिर्फ एक कमरे में तुम रहोगी, बाकी घर में सास रहेगी. अगर परेशान किया तो कार्रवाई होगी. घर में रह रहे किरायेदारों से भी मकान को खाली कराया.जानिए पूरा मामला
मामला फिरोजाबाद के थाना दक्षिण इलाके का है. राजपुताना मोहल्ले में बुजुर्ग सत्यवती का मकान है. मकान के साथ इसमें चार दुकानें भी हैं. सत्यवती के बेटे राहुल और बहू कृष्णा के बीच विवाद चल रहा था. इनका मामला कोर्ट में है. इस विवाद के कारण राहुल दिसंबर 2023 में मकान छोड़कर चला गया और आज तक वापस नहीं लौटा. राहुल और कृष्णा के कोई संतान नहीं है. दिसंबर में ही बहू कृष्णा ने सास को घर से बाहर निकाल दिया और मकान को किराए पर उठा दिया. इधर सास अपनी बेटी के यहां मेरठ में जाकर रहने लगी.
सास सत्यवती ने जनवरी 2025में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया. 24 अगस्त 2025 को कोर्ट ने सास सत्यवती के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें अपने घर में रहने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि बहू को रहने के लिए एक ही कमरा मिलेगा, बाकी घर में सास रहेगी. कोर्ट ने ये भी कहा कि उनके साथ किसी भी प्रकार का दुव्र्यवहार न किया जाए. छह महीने बाद अब कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय और थाना दक्षिण इलाके के कोतवाल योगेंद्र पाल सिंह 12 पुलिसकर्मियों के साथ सत्यवती को लेकर उनके घर पहुंचे.
बहू को दी सख्त हिदायत
सत्यवती को उनके घर में प्रवेश कराया और बहू कृष्णा को सख्त चेतावनी दी. कहा कि अगर भविष्य में सास के साथ किसी भी प्रकार का दुव्र्यवहार, प्रताड़ना की गई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कोर्ट के आदेश के अनुपालन में छह महीने से अधिक का समय लग गया जिस पर पुलिस का कहना है कि महिला अपनी बेटी के यहां मेरठ में रह रही थी. आज जब वह आईं तो उन्हें साथ लेकर घर पहुंचाया गया. मकान में रह रहे किरायेदारों से मकान को खाली कराया गया.