आगरालीक्स….(13 June 2021 Agra News) आगरा में तंबाकू बेचने पर लाइसेंस जरूरी. कोई ठेल पर तो कोई पेड़ के नीचे बेचता है सिगरेट—तंबाकू. पढ़ें दुकानदारों का फर्स्ट रिएक्शन…
सिंधी बाजार में ठेल लगाकर तम्बाकू बेचने वाले विशाल का कहना है कि लाइसेंस क्या होता है. हमें तो कोई लाइसेंस नहीं चाहिए. ज्यादा परेशान किया तो ठेल पर तम्बाकू और सिगरेट रखना ही बंद कर देंगे.
खंदारी के केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड पर पेड़ के नीचे पत्थर पर बीडी तम्बाकू बेचकर अपना गुजारा चलाने वाले भानस्वरूप जी का कहना है कि जैसे—तैसे इसको बेचकर गुजारा चला रहे हैं. सरकार नियम पर नियम बना रही है. दिन में ठीक से कुछ कमा नहीं पाते, इन्हें लाइसेंस के लिए पैसे कहां से दें. बेचने देंगे तो ठीक है, वरना नहीं तो और कोई काम देख जाएगा फिर.
लाइसेंस होगा अनिवार्य
नगर निगमों में तंबाकू और सिगरेट की बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए अपर मुख्य सचिव नगर निवास डॉ रजनीश दुबे ने नगर विकास विभाग ने तंबाकू उत्पादन लाइसेंस शुल्क का निर्धारण, विनियमन और नियंत्रण एवं अनुज्ञप्ति शुल्क उपविधि 2021 का प्रारूप जारी कर दिया है. साथ ही आगरा, अलीगढ, मथुरा वंदावन, फीरोजाबाद सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों को इस उपविधि को 31 जुलाई तक लागू कर सूचना देने के निर्देश जारी किए हैं.
इधर लाइसेंस अनिवार्य होने की जानकारी होने पर दुकानदारों का रिएक्शन थोड़ा तीखा दिखाई दिया. इनमें से सबसे अधिक चिंतित वो लोग दिखाई दिए जिनकी दुकान अस्थाई है. ये लोग ठेल ढकेल पर तम्बाकू सिगरेट बेचते हैं. इसके अलावा कई लोग ऐसे हैं जो कि पेड़ के नीचे पत्थर रखकर तम्बाकू की बिक्री कर रहे हैं.
दुकानदार बोले—कालाबाजारी बढ़ेगी
इधर आगरा के कई दुकानदारों का कहना है कि अधिकतर परचूनी वाले तम्बाकू और सिगरेट बेचते हैं. इनमें से कुछ लोग लाइसेंस ले सकते हैं लेकिन इसके कारण कालाबाजारी बढ़ेगी. लोग गली मोहल्लों में घरों में दुकान चलाते हैं और बीड़ी तम्बाकू सिगरेट बेचते हैं. वो लोग थोक विक्रेता से खरीदकर चोरी छुपे इसकी बिक्री करेंगे. दुकानदारों का कहना है कि लाइसेंस अनिवार्य करने के लिए फीस ली जा रही है. अगर ये फ्री होता तो ज्यादा ठीक होता.
इस तरह मिलेगा लाइसेंस
तंबाकू और सिगनेट की बिक्री के लिए लाइसेंस 18 से अधिक उम्र के व्यक्ति जिसका आधार कार्ड है उसे जारी किया जाएगा. अस्थायी दुकान के लिए पंजीकरण शुल्क 200 रुपये और स्थायी दुकान के लिए पंजीकरण शुल्क 1000 रुपये होगा. थोक की बिक्री के लिए 5000 रुपये शुल्क होगा.
एक साल बाद लाइसेंस का काराना होगा नवीनीकरण
लाइसेंस एक साल के लिए मान्य होगा. इसके बाद नवीनीकरण कराना होगा. नवीनीकरण शुल्क अस्थायी दुकान के लिए 100 रुपये और स्थानीय दुकान के लिए 200 रुपये होगा, जबकि थोक की दुकान के लिए 5000 रुपये होगा.
बिना लाइसेंस मिलने पर जुर्माना और सामान होगा जब्त
31 जुलाई के बाद बिना लाइसेंस के तंबाकू और सिगरेट की बिक्री करने पर 2000 रुपये जुर्माना और सामान जब्त कर लिया जाएगा. दूसरी बार पकडे जाने पर 5000 रुपये जुर्माना और तीसरी बार पकडे जाने पर 5000 रुपये जुर्माना लेने के साथ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी.