आगरालीक्स… आगरा के रेलवे स्टेशन के द्रश्य को देख आंखें नम हो गईं और गला भर्रा गया, नम आंखों से एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने गौरव यात्रा के तहत पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र छात्राओं को विदाई दी।
2019 में यह यात्रा 4 जनवरी से प्रारंभ होकर 26 जनवरी तक चलेगी जिसमें 30 छात्र-छात्राओं का अलग-अलग दल, 3 दलों में पूरे भारत का भ्रमण कर रहा है। इस भारत गौरव यात्रा के 31 छात्रों का एक दल शिमला,चंडीगढ़, दिल्ली होते हुए 20 जनवरी को ब्रज भूमि मथुरा में भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली के दर्शन करते हुए आगरा पहुंचा।
छात्रों के घर रहते हैं छात्र

विद्यार्थी परिषद के शील प्रकल्प द्वारा आयोजित होने वाली इस यात्रा में सभी आगंतुकों को किसी होटल या गेस्ट हाउस में न ठहरा कर परिवारों में ठहराया जाता है। वह परिवारों के साथ तीन से चार दिन रहते हैं वह खाते-पीते हैं परिवारों का हिस्सा बनकर रहते हैं। विद्यार्थी परिषद का मानना है कि इसके द्वारा पूर्वोत्तर के छात्र छात्राओं का परिवारों के साथ आत्मीय गठजोड़ स्थापित होता है वह परिवारों के रहन-सहन, खान-पान एवं अन्य गतिविधियों को देख – समझकर उनकी सभ्यता एवं संस्कृति का अनुभूति करते हैं, इससे परिवारीजन भी पूर्वोत्तर के रहन-सहन एवं वहां की सभ्यता से परिचित होते हैं। आगंतुकों को भी नया अनुभव प्राप्त होता है। हर वर्ष इस प्रयोग के तमाम सार्थक परिणाम एवं उदाहरण देखने को मिलते हैं कि किस प्रकार पूर्वोत्तर के छात्रों का परिवार के साथ संबंध स्थापित हुआ। अलग भाषा अलग वेश के बावजूद भी परिवारीजन आत्मीय बोध के आधार पर एक दूसरे को समझते देखते हैं।

यात्रा प्रतिनिधियों के अनुभव कथन:- भारत गौरव यात्रा के सदस्य ओशोम ने बताया कि कैसे जब वो आये थे उनका लगता था की देश मे सभी लोग उनको उनके खाने पीने, भाषा ,शारिरिक बनावट के कारण उनसे अलग व्यवहार करते है लेकिन इस यात्रा के माध्यम से पता चला कि ऐसे लोगो की संख्या बहुत कम है। पेरमहुंगबे ने कहा कि यह उनके जीवन के यादगार पल है और उनको मौका मिला तो वो फिर से आना चाहेंगे। अंत में जब सभी प्रतिनधियों को आगरा फोर्ट स्टेशन से वापिस गुवाहाटी के लिए विदा किया गया , तो मेजबान परिवार और उनके घर मे रुके हुए प्रतिनिधि एक दूसरे से दूर जाने के कारण भावुक दिखे। प्रतिनिधियों को रोते हुए देख सभी के आंखों में आंसू थे।