आगरालीक्स…. रक्षाबंधन पर घेवर के तेवर गर्म रहे, स्टॉक खत्म हो गया, महंगाई इतनी कि घेवर 650 रुपये प्रति किलो तक बिका। जबकि न्यूनतम दर 200 रुपये रही। एक अनुमान के तहत आगरा में रक्षाबंधन का कारोबार 100 करोड रुपये से अधिक का हुआ है। इसमें घेवर के साथ ही बहनों के उपहार भी शामिल हैं।
रक्षाबंधन पर बहनें राखी बांधने के साथ घेवर खिलाती हैं, इस बार घेवर के तेवर गर्म रहे। सामान्य दुकानों पर घेरव 200 रुपये किलो तक बिका, जबकि देशी घी से निर्मित मिष्ठान विक्रेताओं ने 400 से 650 रुपये में घेरव की बिक्री की। दोपहर तक अधिकांश दुकानों से घेरव का स्टॉक समाप्त हो गया। इसके बाद लोग घेवर खरीदने के लिए मिठाई विक्रेताओं के चक्कर लगाते रहे। कुछ लोगों ने अन्य मिठाई खरीद कर रक्षाबंधन पर्व मनाया।
एक किलो मैदा में बनते हैं 15 घेरव
इस महंगे घेरव के बारे में भी जान लीजिए, घेवर मैदा और डालडा के घोल से तैयार किया जाता है, देशी घी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस घोल को सांचों में डालकर कडाई में पकाया जाता है, इसके बाद चासनी में डाला जाता है। एक किलो मैदा में 15 घेवर बनते हैं।
छोटा महंगा, मलाई और बिना मलाई एक रेट
इस बार बाजार में छोटे आकार का घेवर जिसका रंग पीला था वह भी खूब बिका। यह घेवर पारंपरिक घेरव से ज्यादा महंगा है। वहीं, मलाई और बिना मलाई के घेरव के रेट में कोई अंतर नहीं है, इन दोनों के रेट बराबर हैं।
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