अलीगढ़लीक्स… हाथरस में दरंदिगी और गैंगरेप की शिकार निर्भया का रात पौने तीन बजे अंतिम संस्कार, मां कहती रह गई रात में मत करो अंतिम संस्कार.
पुलिस ने अंतिम संस्कार के समय परिजन समेत किसी को भी मौके पर नहीं जाने दिया। इस घटना को पीएम मोदी ने भी संज्ञान लिया है। सीएम योगी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है।
हाथरस के थाना चंदपा के गांव में गैंगरेप की शिकार निर्भया की सफदरजंग अस्पताल में मौत के बाद पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को देर रात उसके गांव लाया गया। निर्भया का शव आने पर गांव के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर किसी को भी दाह संस्कार स्थल पर नहीं जाने दिया। परिजनों ने अपनी बेटी के शव को देखने की गुहार भी लगाई लेकिन पुलिस ने उन्हें भी उसका चेहरा नहीं देखने दिया। पहले ही तैयार कर रखी गई चिता में रात 2.40 पर आग दे दी गई।
मां कहती रह गई रुक जाओ, बिटिया फिर नहीं आएगी
पुलिस के सामने निर्भया की मां चीख-चीख कर कहती रही कि रातभर रुक जाओ। हमको हल्दी आदि लगानी होती है। बिटिया फिर लौटकर नहीं आएगी। अंतिम संस्कार तो सम्मान के साथ करने दो। पिता का भी आरोप है कि परिवार के लोगों को बेटी का अंतिम चेहरा तक नहीं देखने दिया गया।
रात में नहीं होता है अंतिम संस्कार
गांव के लोगों का कहना था कि हिंदू संस्कृति के मुताबिक रात बारह बजे के बाद किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता लेकिन पुलिस ने किसी की बात को नहीं सुना और रीति-रिवाज के साथ बिटिया का सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका।
तीन सदस्यीय एसआईटी गठित
पीएम मोदी के इस मामले के संज्ञान में लेने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आदेश के बाद गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी टीम मामले की जांच को गठित कर दी गई है। टीम में गृह सचिव भगवान स्वरूप के अलावा डीआईजी चंद्रप्रकाश, पीएसी आगरा की सेनानायक पूनम को इसमें शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले को फास्टट्रेक कोर्ट में लाने का निर्देश दिया है। इस मामले में आरोपित चारों युवकों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
घटना से पूरे देश में उबाल
हाथरस की निर्भया के साथ दरिन्दगी और उत्तर प्रदेश पुलिस की हैवानियत को लेकर पूरे देश में उबाल है। कई शहरों में घटना पर रोष व्यक्त किया गया है। दरिन्दगी की शिकार युवती को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
यह था मामला
हाथरस के चंदपा थाने के गांव में बीती 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना के नौ दिन बाद युवती ने होश आने पर इशारों में अपने साथ हुई बर्बरता का खुलासा किया था। युवती को पहले अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।