आगरालीक्स… आज की पीढी एक बार फिर हाॅलिस्टिक हीलिंग को महत्व देने लगी है। धार्मिक व पवित्र तरीके से उपचार लेने को ही हाॅलिस्टिक हीलिंग कहा गया है। यह कहना है यूएस कीं हाॅलिस्टिक हीलर जया पंचोली का। वह रेनबो हाॅस्पिटल में मरीजों से रूबरू हो रही थीं।
रेनबो हाॅस्पिटल में दो दिवसीय काॅस्मेटोलाॅजी, खान-पान और समग्र (दवा रहित) चिकित्सा शिविर मंगलवार से शुरू हुआ। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक आयोजित शिविर का लाभ सैकडों मरीजों ने उठाया। इसमें यूएसए से आईं हाॅलिस्टिक हीलर जया पंचोली ने बताया कि हाॅलिस्टिक हीलिंग में शरीर के दुख-दर्द संबंधी हर पहलू पर ध्यान दिया जाता है। इसलिए इस उपचार के बाद रहन-सहन अच्छा और संपूर्ण शरीर स्वस्थ हो जाता है। इस उपचार प्रक्रिया में असंतुलित जीवनशैली को संतुलित जीवनशैली में बदला जाता है। जो लोग दवाओं और आॅपरेशन से बचना चाहते हैं वह हाॅलिस्टिक हीलिंग का सहारा लेते हैं। रेनबो हाॅस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि हाॅलिस्टिक हीलिंग असल में जीवनशैली को बदलने का ही तरीका है। पूरा उपचार मन व शरीर के संगम से होता है। संपूर्ण उपचार बहुत महत्वपूर्ण है। शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, भावनाएं और आध्यात्म की इसमें अहम भूमिका है।
दिल्ली से आईं डायटीशियन बेला मोहन ने मरीजों को अच्छे खान-पान से स्वस्थ रहने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा खान-पान संतुलित होना चाहिए। बाहर के बने और गरिष्ठ भोजन से बचना चाहिए। भारत में लोग स्वास्थ्य के इस पहलू को नजरअंदाज करते हैं। वह बीमार पडने पर या चिकित्सक की सलाह के बाद ही इस ओर ध्यान देना शुरू करते हैं, जबकि स्वस्थ रहते हुए और स्वस्थ बने रहने के लिए खान-पान को बेहतर बनाना चाहिए।
अब उम्र से पहले सौंदर्य
खोने की चिंता से रहें दूर….
चेहरे, त्वचा व बालों संबंधी समस्याओं को लेकर आए मरीजों को बाॅलीवुड फेम काॅस्मेटोलाॅजिस्ट नीलम गुलाटी ने परामर्श प्रदान किया। उन्होंने बताया कि उम्र से पहले अपना सौंदर्य खोने पर अब चिंतित होने की जरूरत नहीं है। आज तमाम ऐसे तरीके मौजूद हैं जिनसे आप बढती उम्र में भी जवान दिख सकते हैं। रेनबो हाॅस्पिटल में यह सुविधाएं मरीजों को रियायती दरों पर दी जा रही हैं। पीआरपी एक नई तकनीक है। इसमें इंसान के शरीर से खून लेकर इसके सैंपल को सेंट्रीफयूग में डालकर घुमाया जाता है। इससे प्लेटलेटस और प्लाज्मा खून से अलग हो जाते हैं। इसे अक्सर माइक्रो निडिलिंग विधि से अंजाम दिया जाता है। इससे त्वचा को फायदा होने के साथ ही गंजापन दूर किया जा सकता है। लेजर और आॅक्सीजन थैरेपी, पीडीओ थ्रेडस भी नई तकनीकें हैं जिनसे न सिर्फ चेहरे की झुर्रियों बल्कि चेहरे के दाग पूरी तरह से हटाए जा सकते हैं। कई अन्य तकनीकों पर भी उन्होंने जानकारी दी।