आगरालीक्स….. आगरा 12 साल की बेटी आराध्या को सलाम, विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान को मुखाग्नि देने के बाद कुछ ऐसा कहा कि आपकी आंखें नम हो जाएंगी। नौ साल के बेटे को अहसास नहीं कि डैडी कभी नहीं आएंगे।
आगरा में शनिवार को हेलीकाप्टर हादसे में शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान का श्मशान घाट, ताजगंज पर अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि नौ साल के बेटे अभिराज और 12 साल की बेटी आराध्या ने दी, श्मशान घाट पर शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान की पत्नी कामिनी भी थीं।
डैडी मुझे पढ़ाते थे
मुखाग्नी देने के बाद 12 साल की आराध्या ने बताया कि वह सातवीं कक्षा की छात्रा है, डैडी यानी विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान मुझे पढ़ाते थे। डैडी से मैं मैथ और साइंस पढ़ती थी, ये दोनों विषयों को डैडी बहुत अच्छी तरह से समझाते थे। जब भी किसी सब्जेक्ट में नंबर कम आते थे तो डैडी कहते थे कि फोकस होकर पढ़ाई करनी चाहिए। कम नंबर आने पर घबराना नहीं है, मेहनत करो तो नंबर भी अच्छे आएंगे, मेहनत से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।

आसमान अच्छा लगता है, डैडी की तरह बनना चाहती हूं पायलट
आराध्या ने कहा कि मुझे आसमान अच्छा लगता है और डैडी विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान की तरह से अच्छा पायलट बनना चाहती हूं। मैं अपने डैडी से खूब बातें किया करती थी।
अभिराज को अहसास नहीं कि डैडी अब नहीं आएंगे
नौ साल के अभिराज को तो अहसास ही नहीं है कि उसके डैडी पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। मुखाग्नि देने के बाद अभिराज ने कहा कि कई दिन से डैडी को देखा नहीं है।
2007 में हुई थी शादी
शहीद विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के पिता सुरेंद्र सिंह और मां सुशीला देवी सरन नगर स्थित आवास में रहते हैं। सुरेंद्र सिंह के चार बेटी हैं और इकलौते बेटे विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान थे। विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान की शादी 2007 में वृन्दावन निवासी कामिनी से हुई थी, 12 साल की बेटी आराध्या और नौ साल का बेटा अभिराज है।