आगरालीक्स.. आगरा के डॉक्टर क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट (सीई) एक्ट को किसी हाल में लागू नहीं होने देंगे, डॉ सुनील शर्मा ने कहा कि यह एक्ट गरीब जनता की कमर तोड़ देगा। यह कहना था आईएमए सचिव डॉ. ओपी यादव का। वह तोता का ताल स्थित आएमए भवन में जनरल बॉडी मीटिंग में अपने विचार रख रहे थे। विश्व एड्स दिवस पर गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवि पचौरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आईएमए हमेशा से अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी बखूबी से निभा रहा है। उन्होंने एड्स जैसी घातक बीमारी की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक किया। क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट पर कहा कि इसके लिए एक लीगल सेल बनाया जाएगा जो प्रदेश व सेंट्रल आईएमए पदाधिकारियों से कोआर्डिनेट करेगा। डॉ. ओपी यादव ने कहा कि आईएमए क्लीनिकल एस्टेबलिशमेंट एक्ट का विरोध इसलिए कर रहे है क्योंकि इससे इलाज महंगा होगा और गरीब जनता प्रभावित होगी। इसे रोकने की हर सम्भव कोशिश की जाएगी। कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुनील शर्मा ने कहा कि भारत में 80 फीसदी जनता स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए प्राइवेट डॉक्टरों पर निर्भर है। सीई एक्ट लागू होने से इलाज तीन गुना महंगा हो जाएगा। यह एक्ट विदेशों की नकल है, जहां इलाज का भुगतान इनश्योरेंस कम्पनियां करती हैं। भारत में 95 प्रतिशत लोगों का हेल्श इन्श्योरेंस नहीं है। इसलिए यह एक्ट यहां सफल नहीं हो सकता। यानि यह एक्ट डॉक्टरों के नहीं बल्कि गरीब जनता के विरोध में है। डॉ. जेएन टंडन ने नगर निगम टैक्स के बारे में व्याख्यान दिया।
इससे पूर्व विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित गोष्ठी में डॉ. रीतेश बंसल, डॉ. निधि दीक्षित व डॉ. हरेन्द्र यादव ने एड्स के लक्षण, बचाव व इलाज के बारे में बताकर लोगों को जागरूक किया। इस अवसर पर आईएमए के प्रदेश संयुक्त सचिव डॉ. रविन्द्र भदौरिया को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. पंकज नगायच ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. डीवी शर्मा, डॉ. असोक शिरोमणी, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. आरएस कपूर, डॉ. एसके कालरा, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, डॉ. जय बाबू, डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ, डॉ. अनुपम गुप्ता, डॉ. राजीव उपाध्याय आदि उपस्थित थे।