
रविवार शाम पांच बजे का समय था, आईएमए, भवन पर 87 साल के प्रो राम सिंह, डॉ एसएस असोपा, डॉ एमएम सिंह, डॉ बीएस यादव, डॉ शकुंतला शर्मा, डॉ एएस सचान, डॉ वरुण सरकार, डॉ वीडी जैन, डॉ एमसी गुप्ता सहित वरिष्ठ चिकित्सक बैठे हुए थे। उनके सामने उनसे कुछ कम उम्र के डॉ आरसी मिश्रा, डॉ केके प्रूथी सहित उनके हम उम्र चिकित्सक थे। आईएमए अध्यक्ष डॉ जेएन टंडन और डॉ सुनील शर्मा ने गुरु शिष्य परंपरा को आगे बढाने के लिए कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद स्लाइड शो शुरु हुआ। डॉ आलोक मित्तल, डॉ आमोद शंकर, आदि ने सहयोग किया।
यादें होने लगी ताजा
डॉ मुनीश्वर गुप्ता और डॉ जेएन टंडन ने स्लाइड के माध्यम ये दिवंगत वरिष्ठ चिकित्सकों का परिचयर दिया, उनके बारे में समारोह में मौजूद रहे चिकित्सकों ने अपनी यादें ताजा की। इसमें डॉ ओएन व्यास से लेकर डॉ रमेश चंद्रा, डॉ विजय प्रकाश से लेकर डॉ आरएस दयाल जैसी शख्सियतों को याद किया गया। उनके साथ बिताए समय को आग के दौर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ संध्या अग्रवाल, डॉ एके गुप्ता, डॉ सरोज सिंह ने याद किया।
सजा गुरुकुल, दिए लेक्चर
आईएमए के गुरुकुल में प्रो राम सिंह ने अपने समय में डॉक्टरी पेशे में सीमित पैथोलॉजी जांच से डायग्नोसिस और इलाज पर चर्चा की, उन्होंने बताया किस तरह डॉक्टर नब्ज और लक्षण देखकर बीमारी का पता लगा लेते थे।
साइकिल से पहुंचे डॉक्टर
अनूठी पहल शुरू करने वाले डॉक्टर साइकिल क्लब के सदस्य डॉ राजकुमार गुप्ता, डॉ रनवीर त्यागी अपनी टीम के साथ साइकिल से आईएमए भवन पर पहुंचे।
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