आगरालीक्स… आगरा में हर महीने आईवीएफ से 200 टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म हो रहा है। आज आईवीएफ डे है, आज ही के दिन 46 साल आईवीएफ से पहला टेस्ट ट्यूब बेबी लुईस ब्राउन का जन्म हुआ। ( IVF Day 2024 : Male infertility Increases)
10 नवंबर 1977 को इंग्लैंड के लेस्ली ब्राउन ने डॉक्टर पैट्रिक स्टेप्टो और रॉबर्ट एडवडर्स की मदद से इन विट्रो फट्रिलाइजेशन यानी आईवीएफ प्रक्रिया शुरू की थी और 25 जुलाई 1978 को पहला टेस्ट टयूब बेबी लुईस ब्राउन का जन्म हुआ। इसलिए 25 जुलाई को आईवीएफ डे मनाया जाता है। आईवीएफ में पुरुष के शुक्राणु और महिलाओं के अंडाणु का सामान्य प्रक्रिया की जगह शरीर से बाहर लैब में निषेचन कराया जाता है, इसके चार से पांच दिन बाद निषेचित अंडों को महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है। पांच से छह दिन की प्रक्रिया लैब में होती है इसके बाद गर्भ में शिशु पनपता है।
महिलाओं के साथ पुरुषों में बढ़ रहा बांझपन
पिछले कुछ सालों से महिलाओं के साथ ही पुरुषों में भी बांझपन की समस्या बढ़ रही है। महिलाओं के एग नहीं बन रहे हैं और क्वालिटी खराब है तो पुरुषों के शुक्राणु में भी समस्या आ रही है।
1.50 से तीन लाख तक का पैकेज
आईवीएफ का पैकेज 1.50 से तीन लाख रुपये तक है, पिछले कुछ समय से डोनर एग और स्पर्म के रेट बढ़ने से भी आईवीएफ महंगा हो गया है।