Tuesday , 21 April 2026
Home अध्यात्म Janmashtami 2024: Auspicious time to worship on Shri Krishna Janmashtami is 45 minutes…#agranews
अध्यात्म

Janmashtami 2024: Auspicious time to worship on Shri Krishna Janmashtami is 45 minutes…#agranews

172

आगरालीक्स…श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजन का शुभ मुहूर्त 45 मिनट. जन्माष्टमी का व्रत सभी व्रतों का राजा. इसे करने से मिलते हैं 5 आशीर्वाद

श्री कृष्ण जन्मोत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास ,पूर्ण श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। इस व्रत को व्रतराज कहते हैं। (सभी व्रतों का राजा) सभी व्रतों में यह व्रत सबसे उत्तम माना जाता है। हमारे जीवन में क्या महत्व है? कब है पूजन का वास्तविक शुभ मुहूर्त

श्री कृष्ण जन्माष्टमी वास्तव में सोमवार 26 अगस्त को ही मनाना सर्वोत्तम है क्योंकि प्रभुश्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में ही हुआ था जो दोपहर 3:54 से 26 अगस्त दिन सोमवार की रात्रि पूरी रहेगा

कब है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त
शास्त्रों के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस दिन वृष राशि में चंद्रमा व सिंह राशि में सूर्य था। इसलिए श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव भी इसी काल में ही मनाया जाता है। इसीलिए प्रभु श्रीकृष्ण के अनन्यभक्त, प्रेमी लोग रातभर अपने इष्टदेव प्रभु के जन्म की खुशी में झूमते,नाचते, मंगल गीत गाते हैं और भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्णपक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में होने के कारण इसको कृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं। चूंकि भगवान श्रीकृष्ण का रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी के निर्धारण में रोहिणी नक्षत्र का बहुत ज्यादा ध्यान रखते हैं।

इस वर्ष अष्टमी तिथि 25 अगस्त रविवार की रात्रि 03 :39 मिनट से प्रारंभ होगी जो की 26 अगस्त दिन सोमवार रात्रि 02:19 तकरहेगी, इसी दिन शैवमतावलंवी और वैष्णव मतावलंबी लोग श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत पूजा करेंगे यही शास्त्रोक्त मान्य होगी क्योंकि इसी दिन दोपहर 3:54 रोहिणी नक्षत्र पूरी रात्रि मान्य रहेगा जिसमें प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ था इसलिये इस बार सोमवार 26 अगस्त 2024 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी मान्य रहेगी।

इस पर्व पर पूजन का शुभ मुहूर्त रात में 23:59 से 00:44 तक करीब 45 मिनट का है। जन्माष्टमी का पारण 27 अगस्त दिन मंगलवार को सूर्योदय के पश्चात ही होगा। इस बार अष्टमी तिथि में ही गृहस्थजन एवं वैष्णवजन व्रत पूजन करेंगे यही शास्त्रोक्त उचित माना जाएगा।

पूजन विधि
वैसे तो भक्तजन नियमतः भगवान की छठी, बरही इत्यादि बड़े धूमधाम से मनाते हैं। लगभग 12 दिन तक झांकी सजी रहती है किंतु समयाभाव के कारण ज़्यादातर गृहस्थ जन केवल जन्मदिन के दिन ही पूजापाठ करते हैं अथवा मंदिरों में दर्शन कर लेते हैं। विस्तृत पूजा केवल मंदिरों ही होती है। जो भक्तजन अपने घर के मंदिर में जन्माष्टमी के दिन भगवान का जन्म उत्सव मनाते हैं। वे सबसे पहले कृष्णजी या लड्डू गोपाल की मूर्ति को एक खीरे के अंदर स्थापित करें जिसे मां का गर्भ कहते हैं, जन्म के समय पर लड्डू गोपाल को खीरे के अंदर से निकालकर, गंगा जल से स्नान कराकर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, केसर के घोल से स्नान कराएं। फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं। सुंदर वस्त्र पहनाएं। सेंट परफ्यूम इत्र लगाएं रात्रि बारह बजे भोग लगाकर पूजन करें वह अपने प्रभु की आरती करें। उसके बाद भक्तजन प्रसाद ग्रहण करें। व्रती लोग दूसरे दिन सूर्य उदय के पश्चात 27 अगस्त दिन मंगलवार को नवमी में व्रत का पारणा करें।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शास्त्रों में इसके व्रत को ‘व्रतराज’ कहा जाता है। मान्यता है कि इस एक दिन व्रत रखने से कई व्रतों का फल मिल जाता है। अगर भक्त पालने में भगवान को झुला दें, तो उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा करने से यश, कीर्ति, पराक्रम, ऐश्वर्य, सौभाग्य, वैभव, संतान प्राप्ति, धन, सपंन्नता, आरोग्य, आयु तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाकर हर मनोकामना पूरी की जा सकती है।

इस व्रत को करने से यह 5 आशीर्वाद निश्चित रूप से मिलते हैं

  1. चारों तरफ से सफलता के संदेश आने लगते हैं। भगवान श्रीकृष्ण कर्मयोगी थे। अत: कर्म क्षेत्र में मनचाही ऊंचाइयां चाहते हैं तो इस व्रत को अवश्य करें
  2. परिवार में कलह या तनाव हो तो इस व्रत से निश्चित रूप से शांति और प्रेम का वातावरण निर्मित होता है
  3. धन, धान्य, संपदा, समृद्धि के लिए इस व्रत से शुभ अन्य कोई व्रत नहीं है
  4. नि:संतान दंपत्ति अगर इस दिन चांदी के कान्हा जी लाकर विधिविधान से पूजन करें तो उन्हें अवश्य ही संतान प्राप्ति का आशीष मिलता है
  5. मनचाहा प्रेम, शादी और शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्तों में मधुरता के लिए भी यह व्रत सर्वश्रेष्ठ है

ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित ह्रदय रंजन शर्मा (अध्यक्ष )श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी WhatsApp नंबर-9756402981,8272809774

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

अध्यात्म

Rashifal Sunday, 19th April 2026

आगरालीक्स…अक्षय तृतीया पर सिंह, तुला, कुंभ और मीन राशि वाले जातकों को...

अध्यात्म

Rashifal 18 April 2026

आगरालीक्स…शनिदेव की कृपा पाएंगे इस राशि के जातक. पढ़ें 18 अप्रैल शनिवार...

अध्यात्म

Rashifal Friday, 17 April 2026

आगरालीक्स….17 अप्रैल शुक्रवार का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीदें लेकर...

अध्यात्म

Lord Parashurama Jayanti on April 19th. Discover some interesting facts related to Lord…#agranews

आगरालीक्स…भगवान परशुराम जयंती 19 अप्रैल् को. जानिए भगवान परशुराम से संबंधित कुछ...

error: Content is protected !!