
उनके पिता श्रीचंद द्विवेदी ने कहा, ‘हम क्या कर सकते हैं। हमारा बेटा इतना अच्छा था कि जहां कहीं रहा, लोग कहते थे कि बड़े अच्छे संस्कार मिले हैं। हम कहते थे कि संस्कार भगवान ने दिए हैं। हमने उसे नैतिकता सिखाई है। अच्छे काम सिखाए हैं।”
– ”उसके दिमाग में था कि हम कैसे लोगों की मदद करें। उसी मदद करने के चक्कर में बलिदान दे दिया। एएसपी-डीएम ने क्या किया? लोगों ने वहां दो साल से कब्जा कर रखा था। उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की? मरवा दिया हमारे बेटे को।”
गुरुवार को मथुरा में जवाहर बाग को अवैध कब्जे से मुक्त कराने पहुंची पुलिस पर उपद्रवियों ने पफायरिंग और बमबारी कर दी थी। इसमें एसपी सिटी मथुरा मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव शहीद हो गए हैं। इस हिंसा में मारे गए पुलिसवालों के परिजन के लिए यूपी सरकार ने 20 लाख के मुआवजे का एलान किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की मां ने कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए, उन्हें तो अपना बेटा चाहिए।
शुक्रवार सुबह मथुरा पहुंचे डीजीपी ने अधिकारियों के साथ बैठक की, उन्होंने प्रेसवार्ता में बताया कि जवाबी कार्रवाई में 22 उपद्रवी मारे गए हैं, एक दर्जन उपद्रवियों की मौत आग में जलने से हुई है, फायरिंग के बाद जवाहर बाग में आग लगा दी गई थी।अब तक 124 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बडी मात्रा में मिले हथियार
पुलिस को उपद्रवियों के पास से 47 कट्टे, 6 राइफलें और 178 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। 15 गाड़ियां और 6 बाइक भी बरामद की गई। अब तक 124 लोगों को गिरफ्तारी बलवा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मर्डर के आरोप में अरेस्ट किया गया है।
कौन हैं रामवृक्ष यादव
-रामवृक्ष यादव गाजीपुर जिले के रायपुर बाघपुर मठिया गांव का रहने वाला है, वह बाबा जय गुरुदेव का चेला था, लेकिन आरोप लगने के बाद बाबा जय गुरुदेव सहित उसके साथियों को बाबा जयगुरुव देव ने शिष्य पद से हटा दिया था। इसके बाद उसने स्वाधीन भारत नाम से संगठन बनाया, अपनी आजाद हिंद सरकार बनाकर एक रुपये का मोल समझाया कि यह बेशकीमती है, सरकार के पास एक रुपये के बदले में चांदी है, चांदी हमें मिल जाए तो एक रुपये कीमत बढ जाएगी। 15 मार्च 2014 से वह जवाहर बाग में रह रहा था, उसकी एक बेटी और दो बेटे हैं। उसके संगठन के रामवृक्ष यादव, चंदन बोस, विवेक यादव और राकेश संगठन के हैं मुखिया
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