
फाइल फोटो
कौन हैं रामवृक्ष यादव
रामवृक्ष यादव गाजीपुर जिले के रायपुर बाघपुर मठिया गांव का रहने वाला है, वह बाबा जय गुरुदेव का चेला था, लेकिन आरोप लगने के बाद बाबा जय गुरुदेव सहित उसके साथियों को बाबा जयगुरुव देव ने शिष्य पद से हटा दिया था। इसके बाद उसने स्वाधीन भारत नाम से संगठन बनाया, अपनी आजाद हिंद सरकार बनाकर एक रुपये का मोल समझाया कि यह बेशकीमती है, सरकार के पास एक रुपये के बदले में चांदी है, चांदी हमें मिल जाए तो एक रुपये कीमत बढ जाएगी। 15 मार्च 2014 से वह जवाहर बाग में रह रहा था, उसकी एक बेटी और दो बेटे हैं। उसके संगठन के रामवृक्ष यादव, चंदन बोस, विवेक यादव और राकेश संगठन के हैं मुखिया
जयगुरुदेव की विरासत पर करना चाहता था कब्जा
रामवृक्ष यादव का दिमाग शुरू से ही खुराफाती रहा। वह जयगुरुदेव का शिष्य भी रहा और जब जयगुरुदेव का निधन हुआ तो उनकी विरासत पर कब्जा जमाना चाहा लेकिन तब दो गुट और हो गए थे। इन तीनों गुटों में लंबे समय तक टकराव भी चला। समय बीतने के साथ ही साथ रामवृक्ष यादव का रुतबा भी बढ़ता चला गया। सूत्रों के अनुसार उसके लिए 5 हजार से ज्यादा लोग काम करते हैं।रामवृक्ष यादव 15 मार्च 2014 को मथुरा आया था। उसके साथ 200 लोगों का जत्था भी था। उसने मथुरा के प्रशासन से आसरे की गुहार लगाई। रामवृक्ष यादव की गुहार पर स्थानीय प्रशासन ने मानवता दिखाते हुए उसे और उसके लोगों को केवल 2 दिन रहने की इजाजत दे दी,
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