आगरालीक्स…आगरा में जया किशोरी जी ने बताया श्रीमद्भागवत कथा का महत्व…बोलीं—श्याम प्यारे से जिसका सम्बंध है, उसको हर घड़ी आनन्द ही आनन्द है…देखें वीडियो और फोटोज
सत्य वह है जो कभी न बदले। हर परिस्थिति में अडिग रहे। और ऐसा सिर्फ ईश्वर है। संसार दिखता है मगर झूठा है। ईश्वर दिखते नहीं परन्तु सत्य है। हमेशा सत्य (ईश्वर) का आसरा ले जो धोखा न दे और साथ न छोड़े। श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम श्लोक में ही वेद व्यास जी ने ईश्वर के तीन स्वरूप बताए हैं। सत्य, चित्त और आनन्द। असली आनन्द वह है जो जीवन भर रहे। गृहस्थ जीवन में हैं तो जीवन के सभी आनन्द लो परन्तु ईश्वर को मत भूलो। ईश्वर से प्रेम वो आनन्द है जो सिर्फ ईश्वर के पास होने पर भी खुश रखता है। अन्यथा व्यक्ति सोना चांदी और हाजरों की भीड़ में बी खुख नहीं।
फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम में श्रीश्याम परिवार ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पूज्य श्रीजया किशोरी ने व्यास पीठ पर बैठकर मृतमयी कथा का पान करवाया। गोविन्द बोलो हरि गोपाल बोलो…, श्याम प्यारे से जिसका सम्बंध है, उसे हर घड़ी आनन्द ही आनन्द है…, पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना, जो भी देखे वो बोले क्या कहना भई क्या कहना… जैसे भजनों पर उपस्थित सैकड़ों की संख्या में भक्तजन झूमे तो भक्ति और श्रद्धा की गंगा बहती नजर यी। कहा कि सबसे कीमती प्रेम है। सोना चांदी, महंगी चीजें जो सबके पास हों कीमती नहीं हो सकती। कीमती वह है जो किसी के पास न हो। परन्तु कीमत उस प्रेम की है जो बार बार न बदले और जिसमें स्वार्थ न हो। नारी शक्ति पर बोलते हुए कहा कि समझदार महिला वह है जिसे पता हो कि कब उसे लक्ष्मी बनना है, कब सरस्वती और कब दुर्गा और काली। परन्तु गलत समय पर इन रूपों का अनुसरण भी दिक्कत पैदा कर सकता है। बच्चियों के मन में कमजोरी का भाव पैदा न करें। आरती कर सबी भक्तों को प्रासद वितरित किया गया।
सात दिन चलेगी भागवत की क्लास मिलेगा होमवर्कभक्तों को सात दिन की श्रीमद्भागवत कथा की क्लास में हर होमवर्क भी मिलेगा। कथा वाचक पूज्यश्री जया किशोरी ने कथा के प्रारमभ में भक्तों से कहा कि हर रोज कथा सुनकर भूल जाना नहीं चलेगा। जो कथा सुनो घर जाकर उस पर चिन्तन करो। अगले दिन कथा प्रारम्भ करने से पहले पिछले दिन की कथा से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।
हजार गलतियां करो परन्तु एक गलती को दोबारा मत दोहराओ
पूज्य श्री जया किशोरी ने कहा कि मनुष्य पग-पग पर गलतिया करता है। गलती तभी होती है जब हम कुछ नया करते हैं या सीखते हैं। कुछ करेंगे तभी गलती होगी। हजार गलतियां करो परन्तु एक गलती को दोबारा मत दोहराओ। एक ही तलती को आप दोबारा और बार-बार दोहरा रहे तो इसका अर्थ है कि आप एक ही गड्ढे में बार बार गिर रहे हो। कुछ नया नहीं कर रहे हैं। इसलिए गलती करके कुछ सीखना अच्छा है परन्तु से दोहराना नहीं।