
बजट में केंद्र सरकार ने गोल्ड और डायमंड ज्वैलरी पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगा दी है। इसके बाद से देश भर में सराफा व्यवसायी हड़ताल पर हैं। इसे लेकर कारोबारियों ने सुबह भाजपा सांसद बाबूलाल का घेराव किया। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे सराफा व्यवसाइयों के तिनिधिमंडल की दिल्ली में वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाक़ात कराएंगे। जिससे सराफा व्यवसाइयों की समस्या दूर हो सके।
एनएच टू पर लंबी लाइन
इसके बाद सराफा कारोबारियों ने नेशनल हाईवे टू पर जाम लगा दी। इससे वाहनों की लंबी लाइन लग गई। काले कानून को वापस करो की नारेबाजी करते हुए कारोबारियों ने प्रदर्शन किया। वे टोपी पहने हुए थे, जिस पर लिखा है कि केंद्र सरकार काला कानून वापस करे। पुलिस कारोबारियों को समझाने में जुटी रही।
ये है मांग
श्री सराफा कमेटी ने वित्तमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि केंद्र सरकार आयात होने वाले सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी वसूल रही है। यह सोना रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयोग होता है और इसका महज 50 फीसदी ही आभूषणों में उपयोग हो पाता है। अगर राजस्व ही बढ़ाना है तो कस्टम ड्यूटी 10 की जगह 11 प्रतिशत कर दें। इससे एक्साइज की अपेक्षा कहीं ज्यादा टैक्स मिल जाएगा।
सोने, हीरे के आभूषणों पर केंद्र सरकार दो बार एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन दोनों ही बार व्यापारियों के कड़े विरोध के कारण कदम पीछे खींचने पड़े। साल 2005 में केंद्र सरकार ने दो प्रतिशत एक्साइज लगाया था, जबकि 2012 में एक फीसदी ड्यूटी लगाई गई। दोनों ही बार व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बंदी कर सरकार को रोल बैक के लिए मजबूर कर दिया। यह तीसरा मौका है, लेकिन व्यापारी एक्साइज ड्यूटी के खिलाफ लंबे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। वित्त मंत्री सराफा कारोबारी की मांग को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं, ऐसे में वे पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के प्रयास में जुटे हुए हैं।
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