आगरालीक्स… सीएम योगी सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी विभागों के कर्मचारी मुखर होने लगे हैं। एडीए के जेई ने रिश्वत न लेने का फैसला लिया है, अधिकारी हिस्सा मांगेंगे तो उन्हें बेनकाब करेंगे।
एडीए में हर काम के लिए पैसे लिए जाते हैं, नक्शा पास कराने से लेकर फाइल पर हस्ताक्षर के लिए पैसे लिए जाते हैं, यह काम जेई करते हैं और हिस्सा अधिकारियों तक पहुंचता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा विकास प्राधिकरण के जेई ने बैठक की, इसमें उन्होंने अपनी पीडा सामने रखी, कहा कि हिस्सा अधिकारियों तक पहुंचता है और बदनाम जेई होते हैं। विजिलेंस टीम को रिश्वत लेने वाले जेई को ही पकडेगी, इस गंदे काम में भागीदार क्यों बनें। जेई ने फैसला लिया है कि अब रिश्वत नहीं लेंगे और अधिकारियों को भी कुछ नहीं देंगे, इस पर उन्होंने अमल शुरू कर दिया है।
दो महीने का ट्रायल
एडीए के जेई ने रिश्वत न लेने का फैसला ट्रायल के रूप में दो महीने के लिए लिया है। इसमें वे यह देखेंगे कि रिश्वत नहीं लेते हैं, इसके बाद भी उनके अधिकारी हिस्सेदारी के लिए दबाव तो नहीं बनाएंगे। यह ट्रायल सफल रहा तो एडीए के जेई रिश्वत लेना बंद कर देंगे।
गलत काम के लिए दबाव नहीं चलेगा
एडीए में गलत नक्शे पास कराने से लेकर छोटे और बडे कामों के लिए अधिकारियों और सत्ता पक्ष के नेताओं का दबाव भी जेई नहीं मानेंगे। उन्होंने साफ कह दिया है कि रिश्वत नहीं लेंगे तो कोई गलत काम नहीं करा सकेगा, किसी के दबाव में गलत काम नहीं किया जाएगा।
यह है कहना
मीडिया से फजल अहमद, महासचिव एडीए जेई संघ का कहना है कि जेई रिश्वत लेने के लिए बनाम हैं, लेकिन इसका लाभ अधिकारी भी लेते हैं, सिस्टम को ठीक करने के लिए जेई ने रिश्वत न लेने का फैसला लिया है। कोई भी जेई न रिश्वत लेगा और न दूसरे को देगा।
Leave a comment