आगरालीक्स….सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर हमले की जिम्मेदारी करणी सेना ने ली. ओकेंद्र राणा की चेतावनी—ऐसी नकेल डालेंगे- तेरी कई पीढ़िया बाबर का नाम लेना भूल जायेगी..अखिलेश बोले—आपराधिक कृत्य
बुलंदशहर में 21 अप्रैल को दबंगों ने चार दलितों को थार से कुचल दिया था। हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। इनसे मिलने के लिए सपा सांसद रामजीलाल सुमन आगरा से 20 गाड़ियों के काफिले के साथ बुलंदशहर के लिए निकले।खेरेश्वर चौराहे पर करणी सेना कार्यकर्ताओं को देख दौड़ाई गाड़ी आपस में टकराई
सपा सांसद रामजीलाल सुमन का काफिला जैसे ही हाथरस से अलीगढ़ के लिए निकला, लोधा थाना क्षेत्र के खेरेश्वर चौराहे पर दोपहर करीब दो बजे करणी सेना और क्षत्रिय समाज के कार्यकर्ता विरोध करने के लिए खड़े हो गए। उन्हें देखते ही गाड़ी दौड़ा दी इससे करीब आधा दर्जन गाड़ी आपस में टकरा गई।
गभाना टोल प्लाजा से पहले टायर फेंके
सपा सांसद रामजीलाल सुमन काफिले के साथ अलीगढ़ की तरफ चले, गभाना टोल प्लाजा से पहले करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने काफिले पर टायर फेंके, विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर ज्ञानेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जैसे ही पता चला कि सपा सांसद रामजीलाल सुमन का काफिला अलीगढ़ की तरफ आ रहा है, विरोध शुरू कर दिया गया, टायर फेंके गए।
करणी सेना ने ली जिम्मेदारी
सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर हमले की जिम्मेदारी करणी सेना ने ली है. क्षत्रिया करणी सेना युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने वीडियो जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली और चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अलीगढ़ गभाना टोल पर आज ,बाबर सुमन फिर बचा लिया पुलिस प्रशासन ने, बस कुछ गाड़िया ही तोड़ पाये, कहाँ था ना घर से नहीं निकलने देगें.. लेकिन अगली बार मिलेंगे नई खुश-ख़बर के साथ…ओकेंद्र राणा ने फेसबुक पर डाले वीडियो में कहा कि तेरे ऐसी नकेल डालेंगे- तेरी कई पीढ़िया बाबर का नाम लेना भूल जायेगी, कुर्ता नहीं- तेरी बहुत कुछ फट जाता आज, हर बार प्रसाशन बचा लेता है तुझे, घुटने टिकवा देगें Akhilesh तेरे.
पुलिस प्रशासन से हुई नोकझोक
जैसे ही रामजीलाल सुमन का काफिला आगे गभाना टोल प्लाजा पर पहुंचा तो वहां पर पहले से ही अलीगढ़ के साथ बुलंदशहर जिले के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे. उन्होंने काफिले को रोक दिया जिस पर रामजीलाल सुमन और सपा कार्याकर्ताओं की पुलिस प्रशासन से नोकझोंक हो गई. बाद में पुलिस ने रामजीलाल सुमन को वापस भेज दिया.
मुकदमा दर्ज, चौकी प्रभारी निलंबित
अलीगढ़ के एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि सांसद के काफिले पर कुछ लोगों ने टायर फेंके. इस संबंध में थाना गभाना में मकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रकरण में शिथिलता बरतने के लिए स्थानीय चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर थना प्रभारी के खिलाफ विभागीय र्कावाही प्रचलित की गई. मौके पर शांति है.
अखिलेश बोले—आपराधिक कृत्य
अखिलेश यादव ने घटना की निंदा की है और इसे आपराधिक कृत्य बताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि सांसद रामजी लाल सुमन के क़ाफ़िले पर टायर व पत्थर फेंककर, उनके ऊपर जो जानलेवा हमला हुआ है वो उस ऐक्सीडेंट का कारण बना है, जो प्राणांतक दुर्घटना में भी बदल सकता था। ये एक आपराधिक कृत्य है. इतने टायर एक साथ इकट्ठा करना, एक गहरी साज़िश का सबूत ख़ुद है. ये एक बार फिर इंटेलिजेंस की गहरी चूक है या फिर जानबूझकर की गयी अनदेखी है. अगर शासन-प्रशासन ये सब जानते हुए भी अंजान बनने की कोशिश कर रहा है तो वो ये जान ले कि अराजकता किसी को भी नहीं बख्शती है, एक दिन भाजपाई और उनके संगी-साथी भी ऐसे हिंसक तत्वों का शिकार होंगे. देश में एक सांसद के ऊपर हुए जानलेवा हमले का संज्ञान लेना वाला कोई है या फिर ‘पीडीए का सांसद’ होने के कारण वर्चस्ववादियों की सरकार शर्मनाक चुप्पी साधकर भूमिगत हो जाएगी. अब क्या बुलडोज़र का दम बेदम हो गया है या उप्र की सरकार ने अराजकता के आगे समर्पण कर दिया है या फिर ये सब उप्र सरकार की रज़ामंदी से हो रहा है?