आगरालीक्स…। घऱ-दुकान प्रतिष्ठान आदि में कोई भी शुभ कार्य करना है तो उसे आज निपटा लीजिए। कल से शुभ कार्य निषेध हो जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार सूर्य के बृहस्पति की धनुराशि में गोचर करने से खरमास शुरू होता है। यह स्थिति मकर संक्रान्ति तक रहती है। इस कारण मांगलिक कार्य नहीं होते है। जैसे ही सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है तभी से खरमास आरम्भ हो जाता है। इसी के साथ शादी विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्य निषेध हो जाते है
15 दिसंबर से 14 जनवरी तक है खरमास
इस माह में सूर्य धनु राशि का होता है। ऐसे में सूर्य का बल वर को प्राप्त नहीं होता। इस वर्ष 15 दिसंबर की रात 03:42 से 14 जनवरी 2022 दोपहर 02:28 तक सूर्य के मकर राशि मे प्रवेश करने तक तक खरमास रहेगा।
विवाह समेत सभी शुभ कार्यों पर रोक
खरमास शुरू हो जाने से विवाह संस्कारों पर एक माह के लिए रोक लग जाएगी। साथ ही अनेक शुभ संस्कार जैसे जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश भी नहीं किया जाएगा। हमारे भारतीय पंचांग के अनुसार सभी शुभ कार्य रोक दिए जाएंगे। खरमास कई स्थानों पर मलमास के नाम से भी विख्यात है।
दक्षिण भारत में यह मान्य नहीं
विवाह और शुभ कार्यों से जुड़ा यह नियम मुख्य रूप से उत्तर भारत में लागू होता है, जबकि दक्षिण भारत में इस नियम का पालन कम किया जाता है। चेन्नई, बेंगलुरू में इस दोष से विवाह आदि कार्य मुक्त होते हैं
खरमास में व्रत का महत्व
जो व्यक्ति खरमास में पूरे माह व्रत का पालन करते हैं उन्हें पूरे माह भूमि पर ही सोना चाहिए. एक समय केवल सादा तथा सात्विक भोजन करना चाहिए. इस मास में व्रत रखते हुए भगवान पुरुषोत्तम अर्थात विष्णु जी का श्रद्धापूर्वक पूजन करना चाहिए।खरमास की समाप्ति पर स्नान, दान तथा जप आदि का अत्यधिक महत्व होता है।