आगरालीक्स.. आगरा रीजन में चार साल के बच्चे को स्कूल से घर लौटते समय किडनैप कर लिया था, पुलिस ने उसे मुक्त करा लिया है, अपहरण मामा भांजे ने 10 लाख रुपये की फिरौती के लिए किया था। अपहरण करने के बाद बच्चे को वहीं पास में एक खाली मकान में रखा था, पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड हुई, इसमें एक बदमाश घायल हो गया और चार वर्षीय बच्चे को मुक्त करा लिया गया। एसएसपी ने पुलिस टीमों को 25-25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया है।
मथुरा के सौंख रोड पर दिनदहाडे स्कूल से अपने कजिन पांच वर्षीय जय यादव के साथ लौटते समय चार वर्षीय अंश यादव पुत्र अभिषेक यादव का स्कूटी सवार दो बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। इस पर जय यादव ने शोर मचाया, लेकिन स्कूटी सवार बदमाश अंश को लेकर फरार हो गए। इस मामले में एसटीएफ टीम को लगाया गया था।
सीसीटीवी में कैद हुआ था अपहरण, मांग रहे थे फिरौती
अंश यादव के अपहरण की वारदात गली के नुक्कड़ पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। बच्चे को बरामद करने के लिए आगरा व नोएडा एसटीएफ सहित पांच टीमों को लगाया गया। बदमाशों ने वारदात की शाम को ही बच्चे के पिता की मोबाइल पर फिरौती के लिए फोन किया था। पिता का नम्बर बदमाशों ने बच्चे के स्कूल आई कार्ड से लिया था। बदमाशों ने दो दिन में छह बार फिरौती के लिए फोन किया था। बदमाशों ने बच्चे के पिता को उसकी रिकार्ड की गई आवाज भी सुनाई थी।
सिवासा स्टेट कॉलोनी में रखा था बच्चा
बदमाशों ने बच्चे को गोवर्धन रोड स्थित सिवासा स्टेट कालोनी के मकान में छिपा कर रखा हुआ है। रविवार की रात पुलिस ने आपरेशन शुरू किया। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने घायल बदमाश राज पुत्र श्यामवीर सिंह निवासी वरूण विहार कालोनी सौंख रोड थाना हाइवे व अशोक चौधरी उर्फ हन्नी चौधरी उर्फ आशू पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी सलेमपुर थाना हाइवे को पकड़ लिया। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने दो देशी तमंचे, वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी, हेलमेट, बच्चे का आई कार्ड, स्कूल बैग व पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। अंश के मामा और उसके भांजे ने मिलकर किडनेप करने की प्लानिंग की थी।

आगरा में मदिया कटरा पर कारोबारी के घर से खेलते हुए उनके बेटे अंश को बदमाशों ने किडनेप कर लिया था, उसे आगरा पुलिस ने झांसी से मुक्त कराया था, उसका नाम भी अंश था। मगर, कमला नगर से किडनेप हुए बिटटू का पता नहीं चल सका है। परिजन अपने बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनकी आंखें पथरा गई हैं।
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