अलीगढ़लीक्स… गालिब का काव्य संग्रह फारसी कलाम का एक संपूर्ण काव्य संग्रह है। इससे गालिब की फारसी भाषा में असाधारण दक्षता का अंदाजा होता है।

फारसी विभाग द्वारा ‘गालिब का फारसी संग्रह और उनका दौर’ विषय पर व्याख्यान
यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय के अरबी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रोफेसर अलीम अशरफ खान ने एएमयू के फारसी विभाग द्वारा ‘गालिब का फारसी संग्रह और उनका दौर’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में कही। उन्होंने कहा
भारत में फारसी शायरी का चलन अमीर खुसरो से शुरू होकर गालिब पर खत्म होता है।
भारत में फारसी के चार स्तम्भ
प्रोफेसर अलीम अशरफ खां ने कहा कि हिन्दुस्तान में फारसी के चार प्रमुख स्तम्भ हैं जिनमें गालिब का चौथा स्थान है इनमें पहले स्थान पर अमीर खुसरो, दूसरे पर फैजी और तीसरे पर बैदिल हैं।
गालिब फारसी के महान शायर
फारसी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर राना खुरशीद ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि फारसी साहित्य में गालिब को जो स्थान प्राप्त है वह सर्वविदित है। उन्होंने कहा कि गालिब न केवल अपने दौर बल्कि फारसी साहित्य के एक महान शायर हैं। प्रोफेसर सैयद मौहम्मद असद अली खुरशीद ने कहा कि गालिब पर निरंतर शोध कार्य हो रहा है और उनसे हमें नित नई नई जानकारी मिल रही हैं।
इस तरह के आयोजनों की जरूरत
अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर सैयद मोहम्मद असगर ने कहा कि गालिब की शायरी को फारसी के अलावा उर्दू में भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी फारसी विभाग इस प्रकार के व्याख्यान का आयोजन करेगा कार्यक्रम का संचालन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. मोहम्मद कमर आलम ने किया। डा. मौहम्मद कैसर ने उपस्थितजों का आभार जताया।
इस अवसर पर इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर गुलफिशां खान, मोडर्न इंडियान लैंग्वेज के प्रोफेसर मुश्ताक जरगर, डा. मोहम्मद नफीस, डा. अता खुरशीद, डा. मोहम्मद अहतशाम उद्दीन, डा. फौजिया नाहीद और डा. हिना इश्हाक के अलावा छात्र एवं छात्रायें भी मौजूद रहे।