आगरालीक्स …आगरा के इतिहास और संस्क्रति से रुबरु कराएगा लिट आगरा क्लब। शनिवार को क्लब के पहले आयोजन में नाट्य मंचन, क्विज, किताबों व चर्चा के जरिए दिखे मुगल काल की सभ्यता व संस्कृति के विभिन्न रंग
मुगलकाल के खान-पान, रक्तरंजित दौर से लेकर हरम में महिलाओं की स्थिति पर भी हुई चर्चा
ताजनगरी की टूटी इमारतें भी यहां के भव्य इतिहास की ओर इशारा करती हैं। आगरा सिर्फ मुगल साम्राज्य का केन्द्र ही नहीं बल्कि इससे पूर्व इसमें बहुत की संस्कृतिक व कला पली बढ़ी हैं। समय के साथ सांस्कृतिक बदलाव आए, जिसमें इतिहास पर चर्चा होना कम हो गया। यहां के निवासी होने के नाते हमें अंदाजा भी नहीं कि हम एक ऐसी ऐतिहासिक नगरी में रहते हैं, जो कई गौरवमयी दौर की सभ्यता, कला और संस्कृतिक को खुद में सेमेटे है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आगरालिट क्लब शहरवासियों को थिएटर, फिल्म फेस्टिवल, परिचर्चा, पुस्तक मेले के जरिए अपने शहर के गौरवमयी इतिहास व संस्कृतिक से पहचान कराएगा।
इन्हीं उद्देश्यों के साथ आज होटल मुगल में आगरालिट क्लब का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मॉडरेटर पूजा बंसल ने लिट आगरा के स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। निधि लाल व वैशाली गोयल ने लिट आगरा के छुपे हुए व नाट्य सम्बंधी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए परिहास पूर्ण अभिनय का मंचन किया। जिसमें मुगलकाल के दौरान महिलाओं के रहने वाले स्थान हरम (जनानखाना) पर आधारित था। रितु खंडेलवाल ने आर्ट डाक्यूमेन्टरी के जरिए मुगलकाल की कला और संस्कृतिक से रू ब रू कराया। अनुपमा ने व्याख्यान के जरिए मुगलकाल के रक्तरंजित दौर पर प्रकाश डाला। गया। दिव्या गोयल ने मुगल काल के खान-पान पर प्रकाश डाला। मोहित महाजन व सौरभ अग्रवाल ने फ्रांस के समकालीन लेखक फांसिस बर्नियर की किताब के तथ्यों पर चर्चा की। डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने मुगलकाल पर आधारित क्विज आयोजित की, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। श्वेता बंसल व नीलम मल्होत्रा ने बहादुर शाह जफर की कविताओं का पाठ किया। इस दौरान डॉ. अनुज, डॉ. हिना, निकी चौपड़ा, विनती कथूरिया, डॉ. अनु प्रसाद, डॉ. अनुज कुमार आदि उपस्थित थे।