आगरालीक्स आगरा के भाजपा के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया और चौधरी बाबूलाल की टिकट यूं ही नहीं कटी है, इन दोनों की टिकट न देने का बडा कारण
सपा, बसपा और भाजपा में पहुंच गए एसपी सिंह बघेल
एसपी सिंह बघेल ने अपना राजनैतिक करियर सपा से शुरू किया, बघेल समाज में लोकप्रिय एसपी सिंह बघेल ने 1998, 1999 और 2004 में सपा से जलेसर सीट से लोकसभा चुनाव लडा। इसके बाद वे बसपा में आ गए और दो बार चुनाव लडा। 2014 में बसपा से एसपी सिंह बघेल राज्यसभा सदस्य बने। 2015 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली, 2017 के विधानसभा चुनाव में वे टूंडला सीट से भाजपा से जीते और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए। वे वर्तमान में टूंडला से विधायक और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। क्यों कटी दो बार के सांसद कठेरिया की टिकट
आगरा सुरक्षित सीट से दो बार के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया की टिकट यूं ही नहीं कटी है। उनके बारे में आम लोगों की राय अच्छी नहीं थी लंबे समय से सांसद कठेरिया का विरोध हो रहा था। डॉ राम शंकर कठेरिया और एसपी सिंह बघेल के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई थी। वे दो बार से सांसद थे, इसके बाद भी आगरा के लोगों में उन्हें लेकर असंतोष था,आधे से ज्यादा विधायकों और कई पदाधिकारियों ने सांसद रामशंकर कठेरिया के विरुद्ध मोर्चा खोल रखा था। आगरा आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सामने भी खुलकर नाराजगी जताई गई थी दो विधायक ने तो लिखित में सांसद कठेरिया का टिकट काटने का पत्र दिया था। इसके बाद प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल समीक्षा करने आए थे। जातिगत आंकड़े भी खंगाले गए इसमें बघेल समाज के प्रो एसपी सिंह सांसद कठेरिया पर भारी पड़े।
भाजपा के राजकुमार चाहर प्रत्याशी होंगे
चाहरवाटी निवासी राजकुमार चाहर एक किसान नेता के रुप में प्रचलित हैं, इनके समर्थकों में युवाओं की लंबी फेहरिस्त है, 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट न मिलने पर राजकुमार चाहर ने निर्दलीय चुनाव लडा था और 60 हजार वोट मिले थे। उनके समर्थन में बडी संख्या में युवाओं के साथ स्थानीय लोग थे। राजकुमार चाहर बीकॉम हैं।
इसलिए कटी चौधरी बाबूलाल की टिकट
सांसद चौधरी बाबूलाल विवादों में रहे हैं, उनका और सांसद राम शंकर कठेरिया का विवाद पांच साल तक चलता रहा। जुबानी जंग के साथ ही एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया था। चौधरी बाबूलाल सरकार के फैसले के खिलाफ भी कई बार बयानबाजी कर चुके हैं।