
फतेहाबाद के बडी बसई अनिवासी सत्यपाल 35 साल थाना हरीपर्वत के नगला छिददा में किराए पर रह रहा था। वह जूता पफैक्ट्री में काम करता है, सुबह अपने चाचा को बुलाने उनका भतीजा पहुंचा तो अंदर से गेट बंद था। पुलिस ने पहुंचकर गेट तोडा तो अंदर सत्यपाल का शव पफांसी के पफंदे पर झूल रहा था और बेड पर उनकी पत्नी ज्योति और अबोध बेटे का शव पडा हुआ था, उनके मुंह से छाग निकल रहे थे। जबकि ढाई साल की बेटी पलक गेट के पास खडी रो रही थी।
जहर देने के बाद घोंटा गला
ज्योति और अबोध बेटे के मुंह से छाग निकलने पर आशंका है कि उन्हें जहर दिया गया, उनके गले पर भी निशान हैं, जहर देने के बाद गला घोंटा गया है। ऐसे में पलक जिंदा कैसे बच गई, उससे पुलिस जानकारी ले रही है कि सत्यपाल ने क्या किया था।
सास से परेशान
एसपी सिटी के नाम दीवाल पर लिखे सुसाइड नोट में सत्यपाल ने लिखा है कि वह अपनी सास से परेशान था। साथ ही उसके भाई और बहन भी परेशान करते थे। इसलिए सुसाइड की है।
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