आगरालीक्स… आगरा में बडे रियल एस्टेट ग्रुप पर कुर्की की कार्रवाई करते हुए 3 ऑफिस सील कर दिए हैं, टीम ग्रुप के मालिक के घर भी पहुंची लेकिन वहां ताला लगा हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कारोबारी जितेंद्र कुमार की मैसर्स मंगल एस्टेट, दयालबाग व मंगला प्रेरणा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नरायन टावर संजय प्लेस प्रोजेक्ट हैं। मंगल एस्टेट पर 2 23 करोड व मंगला प्रणना पर 2 37 करोड, इस तरह इन दोनों प्रोजेक्ट में एडीए का पौने पांच करोड शमन शुल्क बकाया है। एडीए का पौने पांच करोड बकाया जमा न करने पर आरसी जारी की गईं थी, इसके बाद 24 जून को एडीए ने नोटिस जारी किया, जिससे बिल्डर 15 दिन में शमन शुल्क जमा करा दे। लेकिन बिल्डर ने बकाया शमन शुल्क जमा नहीं कराया।
नोटिस चस्पा करने के बाद कुर्की की कार्रवाई
नोटिस के बाद भी बकाश शमन शुल्क जमा न करने पर मंगलवार को एसडीए सदर रजनीश कुमार मिश्रा व तहसीलदार रजनीकांत की टीम कुर्की की कार्रवाई करने पहुंची। टीम ने मंगलम एस्टेट के दयालबाग और कमला नगर स्थित आवास को सील कर दिया, यहां से टीम कमला नगर स्थित बिल्डर जितेंद्र कुमार के कार्यालय पर पहुंची, वहां ताला लगा हुआ था। इसके बाद टीम ने पश्चिमपुरी स्थित मंगलम आधार पर बने ऑफिस को सील कर दिया। मीडिया से एसडीएम रजनीश कुमार मिश्रा का कहना है कि कुर्की की कार्रवाई की गई है, इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
कई और बिल्डर पर होनी है कार्रवाई, मची खलबली
शहर के तमाम बिल्डर ने एडीए का शमन शुल्क जमा नहीं किया है, इसे लेकर एडीए कुर्की की कार्रवाई करने जा रहा है। एडीए द्वारा मंगलम एस्टेट पर की गई कार्रवाई से खलबली मची हुई है।
कई बिल्डरों पर दर्ज हो चुके हैं धोखाधडी के मुकदमे
आगरा में 2010 से 2012 तक रियल एस्टेट बूम पर था, शहर में तमाम प्रोजेक्ट लॉच हुए, करोडों रुपये का निवेश किया गया लेकिन मंदी का दौर आते ही रियल एस्टेट नीचे गिर गया। कई बिल्डर पर निवेशकों ने धोखाधडी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद से कुछ बिल्डर भूमिगत हैं।