आगरालीक्स ….अभी भी 18 प्रतिशत किशोरी और महिलाएं मासिक धर्म में स्वच्छता का ध्यान नहीं रख रहीं हैं, इससे उन्हें बांझपन की समस्या हो रही है और मां नहीं बन पा रही हैं। आज मासिक धर्म स्वच्छता दिवस है।
मंगलवार को माहवारी स्वच्छता दिवस है, इस वर्ष इसकी थीम ‘‘टूगेदर : फॉर अ पीरियड फ्रैंडली वर्ल्ड’’ रखी गई है। राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण पांच (2019-21) के अनुसार प्रदेश में 15 से 24 आयु वर्ग की 72.6 फीसदी महिलाएं माहवारी के दौरान सुरक्षित साधनों का इस्तेमाल कर रही हैं। इस स्थिति में और भी सुधार लाने की आवश्यकता है ताकि महिलाओं को सर्वाइकर कैंसर और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन आदि बीमारियों से बचाया जा सके। मासिक धर्म के दौरान न केवल आराम की आवश्यकता होती है, बल्कि पौष्टिक भोजन का सेवन भी किया जाना चाहिए । मासिक धर्म के दौरान जननांगों को नियमित तौर पर धुलना चाहिए । बहुत सी लड़कियों और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट में दर्द और कमजोरी की शिकायत होती है । ऐसी अवस्था में ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेते हुए दवाओं के साथ-साथ आराम करना चाहिए । सतर्कता का व्यवहार न अपनाने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया, धाध गिरने जैसी बीमारी के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं । मासिक धर्म के दौरान हरी साग-सब्जी, ताजे फल, दही, दूध और अंडा का सेवन करना चाहिए । स्वच्छता और खानपान का ध्यान न रखने से एनीमिया का शिकार हो सकती हैं ।
यह भी जानें
- मासिक धर्म के दौरान प्रत्येक चार घंटे में सैनेट्री पैड को अवश्य बदल देना चाहिए।
- गंदे कपड़ों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है, क्योंकि इससे संक्रमण हो सकता है।
- किशोरी सुरक्षा योजना के तहत सभी राजकीय स्कूलों में दस से 19 वर्ष तक की किशोरियों को सरकारी खर्चे पर स्कूल द्वारा सैनेट्री पैड देने का प्रावधान है। इसे पाना हर किशोरी का हक है ।