
मुंबई की रहने वाली युवती का कहना है कि उसका प्रेमी उसे ताज महल दिखाने के लिए वह आगरा लेकर आया। ताज घूमने के बाद प्रेमी ने होटल ले जाने की बात कही, लेकिन यह कोठा निकला। प्रेमी मुझे यहां दो लाख रुपए में बेचकर चला गया।कोलकाता की लड़कियों की भी यही दास्तां है। उसने बताया, घर जाने की जिद करने पर कोठा संचालक इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर देती थी। आगरा की लड़कियों को नौकरी के बहाने धोखे से कोठे पर लाया गया था। रेस्क्यू संस्था का कहना है, किशोरियों को हार्मोन का इंजेक्शन दिया जाता था। ताकि वह बडी लगें और ग्राहक उनके शरीर को देखने के बाद मुंह मांगी रकम देने को तैयार हो जाएं। इस तरह हार्मोन के इंजेक्शन लगाने के बाद लडकियों से गलत काम करवाया जाता था, उन्हें युवकों के सामने परोस दिया जाता था।
इस तरह मारा गया छापा
रेस्क्यू फाउंडेशन ने मीडिया को बताया कि सूचना मिली थी कि मुंबई, कोलाकाता और अन्य शहरों की 8-10 लड़कियों को जबरन आगरा के रेड लाइट एरिया में लाया गया है। फाउंडेशन के वॉलेंटियर इन एरिया में ग्राहक कबनकर गए और लड़कियों से बातचीत की।लड़कियों का कहना था कि उन्हें जबरन लाया गया है। वह रैकेट से बाहर आना चाहती हैं। इसके बाद बुधवार देर शाम रेस्क्यू फाउंडेशन की मदद से एसएसपी प्रीतिंदर सिंह ने कश्मीरी बाजार और माल का बाजार में छापा मारने का आदेश दिया।यहां से 5 नाबालिग लड़कियों को आजाद करवाया गया। साथ ही 3 महिला कोठा संचालकों और
युवतियों में 2 आगरा, 2 कोलकाता और एक मुंबई की है।
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