आगरालीक्स.. आगरा के डीएम गौरव दयाल के ट्रांसफर पर सांसद चौधरी बाबूलाल ने कहा कि सांसद ने कहा कि लंबे समय से खुद को जकड़ा महसूस कर रहा आगरा अब बंधन मुक्त हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सांसद द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर डीएम गौरव दयाल का कहना है कि जिले के एक जनप्रतिनिधि जो भी आरोप लगा रहे हैं। वे पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। आगरा की जनता जानती है कि कौन ईमानदार है और कौन बेईमान। मुझे उनके द्वारा किसी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। शासन के जो भी आदेश हैं मैं उन्हीं का पालन करता हूं।
आगरा के डीएम गौरव दयाल का तबादला होने के बाद फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद चौधरी बाबूलाल ने कहा कि डीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तबादला होने पर असंतोष जताया है। कहा कि डीएम गौरव दयाल पर कार्रवाई के साथ ही उनके कार्यकाल के कार्यो की जांच होनी चाहिए। इसके लिए वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को दस्तावेज दिखाकर मांग करेंगे।
भ्रष्टाचार के हैं दस्तावेज
सांसद का कहना है कि डीएम के कार्यकाल के दौरान किए गए भ्रष्टाचार के दस्तावेज उपलब्ध हैं। वे उन्हें सीएम और पीएम को देंगे। सांसद ने कहा कि डीएम ने सिंचाई विभाग में करोड़ों रुपए का घोटाला किया। फतेहपुर सीकरी, बाह और अकबराबाद में अवैध खनन करवाया जिसमें राजस्व के एसडीएम और इलाकाई पुलिस भी शामिल है। उन्होंने रिंग रोड, सिविल एयरपोर्ट जमीन में घपला किया। उनके विरुद्ध विभागीय जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। हर उचित मंच पर पूरे कार्यकाल के भ्रष्टाचार के दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे। सांसद ने डीएम के साथ ही दो एसडीएम पर भी संलिप्त होने के आरोप लगाए हैं। सांसद ने कहा कि लंबे समय से खुद को जकड़ा हुआ महसूस कर रहा आगरा अब बंधन मुक्त हो गया है।
सांसद कठेरिया का बताया था एजेंट
सांसद चौ. बाबूलाल ने जिलाधिकारी गौरव दयाल को एससी आयोग अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया का एजेंट बताया था। इसके बाद वाक युद्ध शुरू हुआ था और संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक मामला गया था। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे ने भी मामले का संज्ञान लिया था।