
रिजल्ट देखने के लिए क्लिक करें …. http://cbseresults.nic.in/neet/neet_2016.htm
ये है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
NEET- 2 के आधार पर ही होंगे दाखिले
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, NEET- 1 की परीक्षा दे चुके जो छात्र ये समझते हैं कि उन्हें अपनी परीक्षा क्षेत्रीय भाषा की बजाय अंग्रेजी में देने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिला और वे सही से तैयारी नहीं कर पाए हैं, तो ऐसे छात्र NEET- 2 की परीक्षा दे सकते हैं. ऐसे छात्रों को अपने आवेदन के वक्त पहले दी जा चुकी NEET- 1 परीक्षा की उम्मीदवारी को छोड़नी होगी. NEET- 2 की परीक्षा के आधार पर उनका चयन हो सकेगा और दाखिले लिए जाएंगे.
अलग से परीक्षा नहीं करा पाएंगे राज्य
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि जो छात्र आवेदन करने के बावजूद किसी वजह से NEET-1 की परीक्षा देने से चूक गए, वो भी NEET- 2 की परीक्षा दे सकते हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को अलग से क्षेत्रीय भाषाओं में मेडिकल दाखिला प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. राज्यों की ओर से दलील दी गई थी कि उन्हें अपनी परीक्षा लेने की अनुमति दी जाए. कोर्ट ने कहा कि जब केंद्र सरकार की ओर से परीक्षा ली जा रही है, तो अलग से परीक्षा कराने कोई मतलब नहीं है. कोर्ट ने ये भी साफ कर दिया है कि एमबीबीएस या बीडीएस की पढ़ाई के लिए किसी निजी कॉलेज या एसोसिएशन या किसी निजी, डीम्ड विश्वविद्यालय को कोई परीक्षा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
एक साल के लिए नीट स्थगित करने को मंजूरी
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने नीट पर एक साल के लिए रोक लगाने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य सरकारों के बोर्ड से संबंद्ध कालेजों को नीट से बाहर रखा जाएगा। यानी वो अपनी परीक्षा ले सकेंगे। हालांकि ये छूट सिर्फ एक साल यानी इसी साल के लिए होगी। अगले साल से देशभर में नीट की परीक्षा के जरिए ही दाखिले होंगे। चूंकि अभी राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी है, ऐसे में सरकार खुल कर नहीं बोलना चाहती।
6.5 लाख छात्रों ने दी नीट
नीट परीक्षा का पहला दौर एक मई को हो चुका है जिसमें लगभग 6.5 लाख छात्र बैठे थे. इस परीक्षा की अगली तारीख 24 जुलाई है.
लेकिन इस अध्यादेश के जारी होने के बाद राज्य बोर्डों के छात्रों को 24 जुलाई को होने वाली परीक्षा में बैठने की ज़रूरत नहीं होगी.
Leave a comment