आगरालीक्स… आगरा में यमुना किनारे बना राधावल्लभ पब्लिक स्कूल और राजश्री गार्डन टूटेगा, एनजीटी ने मंगलवार को आगरा में यमुना डूब क्षेत्र को लेकर बडा फैसला सुनाया है। अभी छह प्रोजेक्ट पर सुनवाई होनी है जबकि 11 प्रोजेक्ट को दिशा निर्देश के साथ बरी कर दिया है।
यमुना में डूब क्षेत्र में कॉलोनी बना ली गईं हैं, इस मामले में मई 2015 में एनजीटी में आगरा से याचिका दायर की गई थी, इसमें 19 कॉलोनी को पार्टी बनाया गया था। इसे लेकर कई बार यमुना के डूब क्षेत्र में निर्माण के लिए टीम डूब क्षेत्र को नाप चुकी है। इसके आधार पर मंगलवार को एनजीटी ने 11 प्रोजेक्ट पर लगी बिक्री और निर्माण की पाबंदी हटा दी है। जबकि राधा बल्लभ पब्लिक स्कूल और राजश्री गार्डन के लिए निर्देश दिए हैं कि डूब क्षेत्र के हिस्से को दो सप्ताह में तोड लें, वे नहीं तोडते हैं तो एडीए द्वारा डूब क्षेत्र में बने निर्माण को तोडा जाए। अभी पुष्पांजलि हॉइटस सहित आधा दर्जन प्रोजेक्ट पर डूब क्षेत्र को लेकर सुनवाई होनी है।
इन पर होना है फैसला
पुष्पांजलि हाइटस
कल्याणी हाइटस
तनिष्क राजश्री एस्टेट
गणपति वंडर सिटी
मंगलम एक्सटेंशन
जवाहर बाग
इन प्रोजेक्टों को राहत
आस्था सिटी सेंटर
ताज व्यू अपार्टमेंट
अपर्णा रिवर व्यू
पुष्पांजलि सीजंस
विभव वाटिका
राम मनोहर विहार
वैभव गार्डन 2
मंगलम शिला
मंगलम एस्टेट
होटल ताज वे इन
जगदंबा कॉलेज
दो साल से अटकी हुई थी सांसें
मई 2015 में दयालबाग क्षेत्र में यमुना के डूब क्षेत्र में रिहायशी प्रोजेक्ट बनाए जाने पर पर्यावरणविद डीके जोशी ने एनजीटी में याचिका की थी, उनकी मौत हो चुकी है। इस मामले को उनके साथी लड रहे हैं। इन दो सालों में कई बार एनजीटी के आदेश आए, टीमें आईं और यमुना डूब क्षेत्र की नपाई की। इसे लेकर दयालबाग क्षेत्र में यमुना किनारे रहने वाले लोग परेशान थे, उनकी सांसें अटकी हुई थी किस तरह अपनी मेहनत की कमाई से घर खरीदा, कहीं यह डूब क्षेत्र में न आ जाए और टूट न जाए। एनटीजीट ने 11 प्रोजेक्ट को क्लीन चिट दे दी है, छह प्रोजेक्ट पर सुनवाई होनी है। जबकि राजश्री गार्डन में डूब क्षेत्र के हिस्से को ही तोडने के लिए कहा गया है।