आगरालीक्स ….आगरा में एक और स्कूल की बिल्डिंग में बडा हादसा टल गया, बच्चे कक्षा से बाहर निकले थे कि छत का प्लास्टर भरभरा कर गिर गया, दो कमरों का प्लास्टर गिर गया है। इस घटना से खलबली मची हुई है, शिक्षकों में आक्रोश है, वे कई बार जर्जर स्कूल की बिल्डिंग की शिकायत कर चुके हैं। साथ ही प्लास्टर गिरने की जानकारी देने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है।
आगरा के यमुना पार क्षेत्र में घडी चांदनी में सरकारी स्कूल है, इसकी बिल्डिंग 1982 में बनी थी। इसके बाद मरम्मत नहीं हुई है। स्कूल के प्रिंसिपल कई बार आला अधिकारियों को जर्जर बिल्डिंग से हादसा होने की आशंका व्यक्त कर मरम्मत कराने की मांग कर चुके हैं। लेकिन बिल्डिंग की मरम्मत नहीं कराई गई है। शनिवार को स्कूल में कक्षा चल रही थी, दोपहर को रसोई में खाना बना, बच्चे खाना खाने के बाद कक्षा से बाहर निकल आए और खेल रहे थे। इसी बीच कमरे का पूरा प्लास्टर गिर गया।
शिक्षकों के उडे होश
प्लास्टर गिरने की तेज आवाज सुनकर शिक्षकों के होश उड गए, वे कमरे में पहुंचे, लेकिन हादसे में किसी बच्चे को चोट नहीं आई है। इसकी जानकारी होते ही स्थानीय लोग भी आ गए, लेकिन किसी अधिकारी के न आने से शिक्षकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

आगरा में स्कूल की बाउंड्री बॉल गिरने से छह वर्षीय छात्रा की मौत हो गई, आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया, निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोग जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
आगरा में कई दिनों से हो रही बारिश से मंगलवार सुबह पिनाहट ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मंसुखपुरा की दीवाल भरभरा कर ढह गई। दीवाल में नंदनी छह साल पुत्री दिनेश दब गई, चीख पुकार सुनकर ग्रामीण आ गए, उन्होंने दीवाल के मलबे से बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया।
निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इसके चलते ही हादसा हुआ है, छात्रा की मौत के बाद से कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस फोर्स ग्रामीणों को समझाने में जुटा हुआ है।
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