आगरालीक्स… आगरा में पुलिस ने तेल माफिया मनोज गोयल के घर पर दबिश दी। कोठी से यूएसए ब्रांड की महंगी शराब की बोतलें मिली हैं, इनकी कीमत 20 से 25 हजार बताई जा रही है। इंस्पेक्टर हरीपर्वत का कहना है कि मनोज गोयल के घर में विदेशी शराब मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
हरीपर्वत पुलिस ने गुरुवार रात को तेल माफिया मनोज गोयल की नेहरू नगर स्थित कोठी पर दबिश दी। वहां उसकी पत्नी मिली। पुलिस ने घर की तलाशी ली। पुलिस को प्रथम तल के एक कमरे में यूएसए की शराब की 23 बोतलें मिली हैं। इनमें से एक बोतल की कीमत 20 से 25 हजार रुपये है। पूरे घर की तलाशी में और कुछ नहीं मिला। मनोज गोयल घर पर नहीं मिला।
तेल का गंदा कारोबार
तेल के काले कारोबार में आगरा के मनोज गोयल की परत दर परत खुलती जा रही है, उसके पेट्रोल पंप, स्कूल, होटल और बैंकेट हॉल हैं। व्हाटस एप डीपी पर अधिकारियों के साथ की फोटो है।
मनोज गोयल का परिवार मूल रूप से किरावली का रहने वाला है। तीस साल पहले उसके पिता घूरेलाल गोयल शाहगंज के सोरो कटरा में आकर बसे थे। वह भी तेल का काम करते थे। उनके बाद इसे मनोज ने संभाल लिया। उसने दस साल पहले नेहरू नगर में कोठी बना ली। अब यहीं रहता है। पुलिस उसकी पूरी कुंडली तैयार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मनोज गोयल के 14 पेट्रोल पंप हैं, कई पेट्रोल पंप में उसके रिश्तेदार पार्टनर हैं। उसके पेट्रोल पंप भगवान टाकीज, गांधी नगर, जीआईसी ग्राउंड के पास, मुगल रोड, भावना स्टेट चौराहा, सुल्तानगंज की पुलिया और तोता का ताल पर एक -एक है। यमुनापार और खेरागढ़ में दो-दो हैं। इनके अलावा दो इटावा और एक जसवंत नगर में है। चार होटल, चार बैंक्वेट हॉल और पांच स्कूल हैं।
अधिकारियों से लेकर सत्ता तक पहुंच
तेल कारोबारी मनोज गोयल पर अफसरों की मेहरबानी रही। मनोज गोयल ने अपने व्हाट्स एप प्रोफाइल पर जो फोटो लगा रखी है, वह एक समारोह की है। इसमें वह दो आईएएस और एक आईपीएस के साथ खड़ा है। बताया जाता है कि अमरमणि त्रिपाठी के जरिए उसने सत्ता के शीर्ष तक अपनी पैंठ बना रखी है। किसी मामले में फंसने पर पुलिस उस पर आसानी से हाथ नहीं डालती है।
पत्नी की हत्या में जेल गया था मनोज
तेल कारोबारी मनोज गोयल 1994 में पत्नी संध्या गोयल की हत्या में जेल गया था। संध्या की हत्या जीआईसी मैदान के पास सरेआम गोली मारकर की गई थी। इसमें मनोज के पिता घूरेलाल और छोटे भाई मनीष पर भी केस दर्ज हुआ था।
पिछले साल जुलाई में उसका नाम सारा त्रिपाठी हत्याकांड में आया। सारा की हत्या फिरोजाबाद में हुई थी। उसकी मां सीमा सिंह ने आरोप लगाया कि मनोज भी हत्या की साजिश में शामिल रहा। बता दें, सारा की हत्या गला दबाकर की गई थी।
इसके बाद हत्या को हादसे का रूप देने के लिए लाश को गाड़ी में रखा गया था। गाड़ी में अमरमणि त्रिपाठी का पुत्र और सारा का पति अमनमणि सवार भी था। उसे खरोंच तक नहीं आई थी। मनोज गोयल उसका दोस्त है। वह मौके पर पहुंचा था। सीबीआई ने अमनमणि के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। कुछ और लोग आरोपी बनाए जा सकते हैं। अभी तक मनोज गोयल का नाम लिखा-पढ़ी में नहीं आया है। सीमा सिंह के आरोप को उसने निराधार बताया था, आगरा में एमजी रोड पर तीन साल पहले उसने बैंक की महिला अधिकारी को पीटा था। इसमें भी जेल गया था।
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