आगरालीक्स…. इस मानसून में आगरा भी चेरापूंजी हो गया है, सुबह आंख खुली तो बारिश, दोपहर में धूप खिली और बारिश, रात को बारिश। चेरापूंजी से भी ज्यादा बारिश यहां होती है, दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश भी भारत के एक छोटे गांव में होती है।
भारत ही नहीं पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश वाली जगह है मेघालय का मासिनराम। यहां चेरापूंजी से भी 100 मिलीमीटर ज्यादा बारिश होती है। चेरापूंजी और मासिनराम दोनों की मेघालय में हैं। इसी वजह से मासिनराम का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। औसतन हर साल 11,871 मिलीमीटर बारिश होती है। मासिनराम की रिकॉर्डतोड़ बारिश में से 90 फीसदी महज छह महीनों के भीतर हो जाती है।जुलाई में सबसे ज़्यादा बारिश होती है।
घर से निकलते समय होते हैं बेंत से बने छाते
मासिनराम और चेरापूंजी में लोग बेंत से बने छाते इस्तेमाल करते हैं। जिन्हें कनूप कहते हैं। कनूप को वे हमेशा साथ में रखते हैं ताकि शरीर हमेशा ढंका रहे और वो बारिश के दौरान भी लगातार काम करते रहें।- लगातार होने वाली भारी बारिश की वजह से इस इलाके में खेती करना काफी मुश्किल काम है। यहां बने पुलों को सुरक्षित रखने में काफी मुश्किल होती है, जहां परंपरागत सामान जल्दी ही सड़ जाते हैं। लोग पेड़ों की जड़ों को आपस में बांधकर पुल बनाते हैं। ऐसे में एक पुल को तैयार होने में 10 साल तक का समय लगता है। ऐसे पुल फिर सैकड़ों साल तक चलते हैं। इस इलाके में ऐसा एक पुल तो पांच सौ साल पुराना बताया जाता है।
आगरा में टूट रहे बारिश के रिकॉर्ड
आगरा में 12 जुलाई को पांच घंटे में रिकॉर्ड 125 मिमी. बारिश दर्ज की गई है, इससे 20 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार इसी तरह से बारिश होगी। मंगलवार को सुबह से ही तेज धूप है।
रविवार रात को शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तक होती रही, इस तरह पांच घंटे में आगरा में रिकॉर्ड 125 मिमी. बारिश दर्ज की गई है। इसमें भी सोमवार को ही 86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
आगरा में रात भर हुई बारिश से बाढ जैसे हालात बन गए हैं, बिजली घर लग रहा है कि बाढ आ गई है। मानसून में आगरा में 80 एमएम से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। अभी भी बारिश हो रही है, इसी तरह बरसात होने से हालात बिगड सकते हैं। पॉश कॉलोनी से लेकर मोहल्लों में पानी भरा हुआ है। नाले उफान मार रहे हैं और घरों में जलभराव हो गया है।
आगरा में मानसून की बारिश कहर बरपाने लगी है। सप्ताह भर में 80 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। रविवार रात से बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार सुबह लोग नीद से उठे तो उनके आस पास के क्षेत्र में पानी भरा हुआ था और बारिश हो रही थी। कुछ देर के बाद बारिश बंद हुई, इसके बाद बूंदाबांदी होने लगी। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
आगरा सहित देश में होगी झमाझम बारिश
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून मानसून ने दस्तक दे दी। यहां एक जून को मानसून पहुंचता है, पर इस बार नौ जून को पहुंचने का अनुमान लगाया था। अगले दो दिन में मानसून कर्नाटक और चार दिन में महाराष्ट्र तक पहुंचने की उम्मीद है। इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) के मुताबिक 15 जुलाई तक देश के सभी हिस्सों में मानसून की बारिश होने लगेगी।
Leave a comment