आगरालीक्स…आगरा में राजामंडी बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष हेमंतदास की हुई थी हत्या, कुछ महीने बाद बेटे को भी दुकान में गोलियों से था भूना…कोर्ट ने तीन आरोपियों को माना दोषी, 4 जून को होगी सजा
करीब साढ़े 10 साल पहले राजा की मंडी बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष हेमंतदास की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी. दिनदहाड़े और भरे बाजार में इस वारदात से व्यापारियों में रोष छा गया था. इस हत्यकांड में विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट पुष्कर उपाध्याय ने तीन आरोपियों प्रांजल, चेतन और प्रवीण को दोषी माना है. तीनों भाई हैं और मंशा देवी गली के रहने वाले हैं. अन्य दो आरोपी सूरज और मोनू वर्मा को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है. पुलिस ने तीनों को कस्टडी में ले लिया है और अब चार जून को कोर्ट इनको सजा सुनाएगा.28 नवंबर 2014 को हुई थी हत्या
थाना शाहगंज में मृतक हेमनदास के पुत्र सुशील ने मुकदमा दर्ज कराया था. सुशील ने तहरीर में बताया था कि उनके पिता हेमनदास राजामंडी बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष थे और आरोपी प्रांजल व अन्य से उनकी पुरानी रंजिश चल रही थी. वर्ष 2009 में प्रांजल ने सुशील के बड़े भाई हरीश पर भरे बाजार जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया था जिसमें प्रांजल कई महीने जेल में रहा था. जेल से छूटने के बाद प्रांजल ने सुशील और हेमनदास को गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी थी. 28 नवंबर 2014 को जब हेमनदास अपने स्कूटर से घर से राजा मंडी बाजार स्थित अपनी दुकान पर आ रहे थे तो शाहगंज के गोविंद नगर में दोपहर करीब दो बजे पीछे से बाइक पर आए आरोपियों प्रांजल, चेतन और प्रवीन ने उन्हें जबरन रोककर गाली गलौज की और ज्यादा नेता बनने की बात कहते हुए गोली मार दी थी. हेमनदास को इलाज के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी.
व्यापारियों में आक्रोश, वादी की भी हत्या
हेमनदास की निर्मम हत्या से व्यापारियों में भारी आक्रोश छा गया था. कई दिनों तक बाजार बंद रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन किया था. पुलिस ने मुकदमे की विवेचना के उपरांत आरोपी प्रांजल और उसके दो भाइयों चेतन, प्रवीन व दो अन्य मोनू वर्मा और सूरज के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया था. मामले के वादी सुशील कुमार की भी 12 जून 2015 को राजा मंडी बाजार स्थित उनकी दुकान में ताबड़तोड़ फायरिंग कर इन्हीं आरोपियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस घटना में हेमनदास का एक अन्य पुत्र मनोज भी गंभीर रूप से घायल हुआ था. पुलिस ने आरोपी प्रांजल और उसके भाई प्रवीन और चेतन की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त प्वाइंट 315 बोर के तीन तमंचे और कारतूस बरामद किए थे.