आगरालीक्स.. आगरा में सावन के पहले सोमवार पर बम बम भोले गूंज रहा है, राजेश्वर मंदिर का आज मेला है, अदभुत 850 साल पुराने राजेश्वर मंदिर में शिवलिंग तीन बार रंग बदलते हैं।
सोमवार सुबह से ही शहर के शिव मंदिरों में भीड लगी हुई है, भोले नाथ की पूजा अर्चना के साथ ही दुग्धाभिषेक किया जा रहा है। आगरा में सावन के सभी सोमवार को मेला लगता है, यहां शहर के चारों तरफ चार शिवालय हैं, रावली और श्री मनकामेश्वर शिवालय शहर के बीचों बीच हैं। राजेश्वर मंदिर, प्रथ्वीनाथ मंदिर, कैलाश मंदिर और बल्केश्वर मंदिर ये चारों शिवालय शहर के चारों कोनों पर हैं, इन्हीं शिव मंदिरों पर हर सोमवार को मेला लगता है। सावन के महीने में मंदिर के पट सुबह चार बजे खुलते हैं। रात 10:30 बजे तक मंदिर खुला रहता है। सामान्य दिनों में दोपहर एक से 3:30 बजे तक मंदिर भगवान के शयन को बंद रहता है। सावन व नवरात्र में मंदिर पूरे दिन खुलता है। सावन के पहले सोमवार को मंदिर पर करीब 300 कांवड़ और करीब 400 कलश जल चढ़ाया जाता है।
तीन बार रंग बदलते हैं राजेश्वर मंदिर के शिवलिंग
शमसाबाद रोड पर राजपुर चुंगी के पास राजेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। यहां स्थित शिवलिंग करीब 850 वर्ष पुराने हैं, यह दिन में तीन बार रंग बदलते हैं।
कहा जाता है कि राजेश्वर महादेव यहां अपनी इच्छा से विराजमान हुए हैं। एक साहूकार बैलगाड़ी से शिवलिंग को राजाखेड़ा ले जा रहे थे। रात में विश्राम करने को वहराजेश्वर मंदिर में रुके। रात में स्वयं भोलेनाथ ने स्वप्न दिया कि मैं यहीं स्थापित होना चाहता हूं। सुबह जब साहूकार ने यात्रा प्रारंभ की तो बैलगाड़ी टस से मस नहीं हुई। बैलगाड़ी में बैल बढ़ाए गए, लेकिन तब भी वह नहीं हिली। गाड़ी से शिवलिंग लुढ़क कर यहीं स्थापित हो गया। साहूकार को रात के स्वप्न की बात याद आई तब उसने लोगों को बताया कि भगवान शिव यहीं स्थापित होना चाहते हैं।
मंदिर का चल रहा जीर्णोद्धार
मंदिर की देखरेख को छह साल पूर्व ट्रस्ट बनाया गया था। इसके बाद लोगों के सहयोग से प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू किया गया। आज मंदिर का मुख्य भवन भव्य रूप ले चुका है। इसमें कार्विग व जाली वर्क का बेहतर काम किया गया है, जो देखते ही बनता है। यहां सावन के पहले सोमवार को मेला लगता है, जिसमें हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। महंत ओमप्रकाश गोस्वामी और छोटे गोस्वामी यहां अभिषेक कराते हैं।